Master Class 9 Mathematics formulas in Algebra, Geometry, Trigonometry, and Mensuration. Interactive animations and clear breakdowns make revision engaging and effective for every student.
1. Natural Numbers (प्राकृतिक संख्याएँ):
2. Whole Numbers (पूर्ण संख्याएँ):
3. Integers (पूर्णांक):
4. Positive Integers (धन पूर्णांक):
5. Negative Integers (ऋण पूर्णांक):
6. Rational Numbers (परिमेय संख्याएँ):
7. Irrational Numbers (अपरिमेय संख्याएँ):
8. Real Numbers (वास्तविक संख्याएँ):
9. Even Numbers (सम संख्या):
10. Odd Numbers (विषम संख्या):
11. Prime Numbers (अभाज्य संख्या):
12. Composite Numbers (समग्र संख्या):
13. HCF and LCM (महत्तम समापवर्तक और लघुत्तम समापवर्त्य):
HCF (Highest Common Factor):
LCM (Least Common Multiple):
14. Complex Numbers (सम्मिश्र संख्याएँ):
15. Modulus and Conjugate of a Complex Number:
16. Polar Form of Complex Numbers:
Addition (योग):
Subtraction (घटाव):
Multiplication (गुणन):
Division (भाग):
Conjugate (संयुग्म):
Modulus (मापांक):
| क्र.सं. | सूत्र / टॉपिक | सरल व्याख्या |
|---|---|---|
| 1 | बहुपद क्या है? | जैसे: x² + 3x + 2 एक बहुपद है। यह x के अलग-अलग घात (power) वाले पदों से बना होता है। |
| 2 | बहुपद का मान निकालना | अगर p(x) = x² + 3x + 2, तो p(1) = 1² + 3×1 + 2 = 6 |
| 3 | शून्य (Zero) बहुपद | जब सभी पद 0 हो, जैसे p(x) = 0 |
| 4 | एक-घात (Linear) बहुपद | जिसमें x की पावर 1 हो, जैसे: x + 2 |
| 5 | दो-घात (Quadratic) बहुपद | जिसमें x² हो, जैसे: x² + 3x + 2 |
| 6 | घात और डिग्री | सबसे बड़ी पावर को “डिग्री” कहते हैं। जैसे x³ + x² की डिग्री = 3 |
| 7 | (x - a) एक गुणनखंड | अगर p(a) = 0, तो (x - a) उसका गुणनखंड होगा |
| 8 | सूत्र: (a + b)² | (a + b)² = a² + 2ab + b² |
| 9 | सूत्र: (a - b)² | (a - b)² = a² - 2ab + b² |
| 10 | सूत्र: (a + b)(a - b) | (a + b)(a - b) = a² - b² |
|
a2 + b2 |
(a + b)2 - 2ab |
|
(a - b)2 |
a2 - 2ab + b2 |
|
(a + b + c)2 |
a2 + b2 + c2 + 2ab + 2bc + 2ca |
|
(a - b - c)2 |
a2 + b2 + c2 - 2ab + 2bc - 2ca |
|
(a + b)3 |
a3 + 3a2b + 3ab2 + b3 |
|
(a - b)3 |
a3 - 3a2b + 3ab2 - b3 = a3 - b3 - 3ab(a - b) |
|
a3 - b3 |
(a - b)(a2 + ab + b2) |
|
a3 + b3 |
(a + b)(a2 - ab + b2) |
|
(a + b)4 |
a4 + 4a3b + 6a2b2 + 4ab3 + b4 |
|
(a - b)4 |
a4 - 4a3b + 6a2b2 - 4ab3 + b4 |
|
a4 - b4 |
(a - b)(a + b)(a2 + b2) |
|
a5 - b5 |
(a - b)(a4 + a3b + a2b2 + ab3 + b4) |
|
(x + y + z)2 |
x2 + y2 + z2 + 2xy + 2yz + 2xz |
|
(x + y - z)2 |
x2 + y2 + z2 + 2xy - 2yz - 2xz |
|
(x - y + z)2 |
x2 + y2 + z2 - 2xy - 2yz + 2xz |
|
(x - y - z)2 |
x2 + y2 + z2 - 2xy + 2yz - 2xz |
|
x3 + y3 + z3 - 3xyz |
(x + y + z)(x2 + y2 + z2 - xy - yz - xz) |
|
x2 + y2 + z2 - xy - yz - zx |
1/2 [(x - y)2 + (y - z)2 + (z - x)2] |
|
(a + b + c + ...)2 |
a2 + b2 + c2 + ... + 2(ab + ac + bc + ...) |
|
(x + y + z + ...)2 |
x2 + y2 + z2 + ... + 2(xy + xz + yz + ...) |
|
(x2 + y2 + z2)2 |
x4 + y4 + z4 + 2(x2y2 + y2z2 + z2x2) + 2(x2yz + xy2z + xyz2) |
|
(a + b + c)3 |
a3 + b3 + c3 + 3(a2b + ab2 + b2c + bc2 + c2a + ac2) + 6abc |
|
(a - b)5 |
a5 - 5a4b + 10a3b2 - 10a2b3 + 5ab4 - b5 |
|
(x + y)2(x - y)2 |
(x2 - y2)2 |
|
(a + b)2(a - b)2 |
(a2 - b2)2 |
|
(x + y + z)3 |
x3 + y3 + z3 + 3(x2y + xy2 + y2z + yz2 + z2x + zx2) + 6xyz |
|
(a + b + c + d)2 |
a2 + b2 + c2 + d2 + 2(ab + ac + ad + bc + bd + cd) |
|
(a2 - b2)2 |
a4 - 2a2b2 + b4 |
| क्रमांक | सूत्र | विवरण |
|---|---|---|
| 1. | (x, y) | निर्देशांक (Coordinate) को दर्शाने का सामान्य रूप |
| 2. | सकारात्मक x-अक्ष और y-अक्ष | x-अक्ष (horizontal), y-अक्ष (vertical) |
| 3. | मूल बिंदु (0, 0) | जहाँ x और y अक्ष एक-दूसरे को काटते हैं (Origin) |
| 4. | चार चतुर्थांश (Quadrants) |
|
| 5. | (x2 - x1)2 + (y2 - y1)2 | दो बिंदुओं (x₁, y₁) और (x₂, y₂) के बीच की दूरी (Distance Formula) |
| 6. | (x1 + x2) 2 , (y1 + y2) 2 | मध्य बिंदु सूत्र (Midpoint Formula) |
| क्रमांक | सूत्र | विवरण |
|---|---|---|
| 1. | ax + b = 0 | यह रैखिक समीकरण का सामान्य रूप है, जहाँ 'a' और 'b' संख्या हैं, और 'x' अज्ञात है। |
| 2. | x = -ba | यह रैखिक समीकरण हल करने का सामान्य सूत्र है। इसे इस्तेमाल करके हम x का मान प्राप्त करते हैं। |
उदाहरण:
समीकरण: 3x + 6 = 12
तो, x का मान है: 2
समीकरण: 5x - 4 = 11
तो, x का मान है: 3
| क्रमांक | सूत्र | विवरण |
|---|---|---|
| 1. | समकुच कोण (Complementary Angles) | दो कोणों का योग 90° होता है, तो वे समकुच कोण कहलाते हैं। |
| 2. | पूरक कोण (Supplementary Angles) | दो कोणों का योग 180° होता है, तो वे पूरक कोण कहलाते हैं। |
| 3. | समानांतर रेखाएँ (Parallel Lines) | दो रेखाएँ जो कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं, उन्हें समानांतर रेखाएँ कहते हैं। |
| 4. | काटती रेखाएँ (Intersecting Lines) | दो रेखाएँ जो एक बिंदु पर मिलती हैं, उन्हें काटती रेखाएँ कहते हैं। |
| 5. | आंतर कोण (Alternate Angles) | दो समानांतर रेखाओं को एक ट्रांसवर्सल रेखा द्वारा काटा जाता है, तो ट्रांसवर्सल रेखा से बने कोण आंतर कोण कहलाते हैं। |
समकुच कोण (Complementary Angles):
यदि एक कोण 30° है, तो दूसरा कोण 60° होगा, क्योंकि दोनों का योग 90° होता है।
| समीकरण | विवरण |
|---|---|
| 30° + 60° = 90° | यहां 30° और 60° समकुच कोण हैं, जिनका योग 90° होता है। |
पूरक कोण (Supplementary Angles):
यदि एक कोण 110° है, तो दूसरा कोण 70° होगा, क्योंकि दोनों का योग 180° होता है।
| समीकरण | विवरण |
|---|---|
| 110° + 70° = 180° | यहां 110° और 70° पूरक कोण हैं, जिनका योग 180° होता है। |
समानांतर रेखाएँ (Parallel Lines):
अगर दो रेखाएँ समानांतर हैं, तो उनका अंतर कोण (alternate angles) और अनुकूली कोण (corresponding angles) समान होते हैं।
उदाहरण:
| ⟶ रेखाएँ: AB || CD | ⟶ ट्रांसवर्सल रेखा: EF |
| ⇒ ∠1 = ∠2 (आंतर कोण) | ⇒ ∠3 = ∠4 (अनुकूली कोण) |
काटती रेखाएँ (Intersecting Lines):
जब दो रेखाएँ एक ही बिंदु पर मिलती हैं, तो वे काटती रेखाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण:
| ⟶ रेखाएँ: AB और CD | ⟶ बिंदु: P |
| ⇒ AB ∩ CD = P | ⇒ रेखाएँ AB और CD P पर मिलती हैं। |
आंतर कोण (Alternate Angles):
समानांतर रेखाओं को ट्रांसवर्सल रेखा द्वारा काटे जाने पर बनने वाले कोण आंतर कोण कहलाते हैं।
उदाहरण: अगर रेखाएँ AB और CD समानांतर हैं, और EF एक ट्रांसवर्सल रेखा है, तो ∠1 और ∠2 आंतर कोण होंगे।
| 1 rad | 180°π ≈ 57°17'45" |
| 1° | π180rad ≈ 0.017453 |
| 1' | π180.60rad ≈ 0.000291 rad |
| 1" | π180.3600rad ≈ 0.000005 rad |
Trigonometric Ratio
Opposite Side = लम्ब
Hypotenuse = कर्ण
Adjacent Side = आधार
| (कर्ण)2 | (लम्ब)2 + (आधार)2 |
| (लम्ब)2 | (कर्ण)2 - (आधार)2 |
| (आधार)2 | (कर्ण)2 - (लम्ब)2 |
| sin θ | लम्बकर्ण |
| cos θ | आधारकर्ण |
| tan θ | लम्बआधार |
| cosec θ | कर्णलम्ब , 1Sin |
| sec θ | कर्णआधार , 1cos |
| cot θ | आधारलम्ब , 1tan |
Reciprocal Identities:
| cosec θ | 1sin θ |
| sec θ | 1cos θ |
| cot θ | 1tan θ |
Quotient Identities:
| tan θ | sin θcos θ |
| cot θ | cos θsin θ |
त्रिकोणमिति सारणी (Trigonometric Chart):-
| Angle (θ) | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° |
|---|---|---|---|---|---|
| Sine (sin θ) | 0 | 12 | 12 | 32 | 1 |
| Cosine (cos θ) | 1 | 32 | 12 | 12 | 0 |
| Tangent (tan θ) | 0 | 13 | 1 | 3 | ∞ |
| Cotangent (cot θ) | ∞ | 3 | 1 | 13 | 0 |
| Secant (sec θ) | 1 | 23 | 2 | 2 | ∞ |
| Cosecant (csc θ) | ∞ | 2 | 2 | 23 | 1 |
Pythagorean Identities:
| sin2 θ + cos2 θ | 1 |
| sec2 θ - tan2 θ | 1 |
| cosec2 θ - cot2 θ | 1 |
Even-Odd Identities:
| sin(-θ) | -sin(θ) |
| cos(-θ) | cos(θ) |
| tan(-θ) | -tan(θ) |
| csc(-θ) | -csc(θ) |
| sec(-θ) | sec(θ) |
| cot(-θ) | -cot(θ) |
Co - Ratio
Trigonometric Identities
| Angle | sin | cos | tan | cot | sec | csc |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 90 - θ | cos(θ) | sin(θ) | cot(θ) | tan(θ) | csc(θ) | sec(θ) |
| 90 + θ | cos(θ) | -sin(θ) | -cot(θ) | -tan(θ) | -csc(θ) | sec(θ) |
| 180 - θ | sin(θ) | -cos(θ) | -tan(θ) | -cot(θ) | -sec(θ) | csc(θ) |
| 180 + θ | -sin(θ) | -cos(θ) | tan(θ) | cot(θ) | -sec(θ) | -csc(θ) |
| विषय | = | सूत्र |
|---|---|---|
| चतुर्भुज के कोणों का योग | = | 360° |
| सामान्य चतुर्भुज का क्षेत्रफल | = | आधार × ऊँचाई |
| आयत का क्षेत्रफल | = | लंबाई × चौड़ाई |
| आयत का परिमाप | = | 2 × (लंबाई + चौड़ाई) |
| समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल | = | आधार × ऊँचाई |
| समांतर चतुर्भुज का परिमाप | = | 2 × (a + b) |
| वर्ग का क्षेत्रफल | = | (पक्ष)2 |
| वर्ग का परिमाप | = | 4 × (पक्ष) |
| रम्बस (Rhombus) का क्षेत्रफल | = | 12 × (विकर्ण₁ × विकर्ण₂) |
| विषय | = | सूत्र |
|---|---|---|
| वृत्त की परिधि | = | 2πr |
| वृत्त का क्षेत्रफल | = | πr2 |
| व्यास (Diameter) | = | 2r |
| त्रिज्या (Radius) | = | व्यास2 |
| चाप की लंबाई (θ डिग्री में) | = | θ360 × 2πr |
| वृत्त खंड का क्षेत्रफल (Sector Area) | = | θ360 × πr2 |
| वृत्त का अर्द्धव्यास | = | परिधि2π |
| विषय | = | सूत्र |
|---|---|---|
| वर्ग का क्षेत्रफल | = | (पक्ष)2 |
| वर्ग का परिमाप | = | 4 × पक्ष |
| आयत का क्षेत्रफल | = | लंबाई × चौड़ाई |
| आयत का परिमाप | = | 2 × (लंबाई + चौड़ाई) |
| त्रिभुज का क्षेत्रफल (आधार और ऊँचाई द्वारा) | = | 12 × आधार × ऊँचाई |
| समभुज त्रिभुज का क्षेत्रफल | = | 34 × (भुजा)2 |
| समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल | = | आधार × ऊँचाई |
| रम्बस (Rhombus) का क्षेत्रफल | = | 12 × (विकर्ण₁ × विकर्ण₂) |
| वृत्त का क्षेत्रफल | = | πr2 |
| वृत्त की परिधि | = | 2πr |
| अर्धवृत्त का क्षेत्रफल | = | 12 × πr2 |
| अर्धवृत्त की परिधि | = | πr + 2r |
| किसी चाप की लंबाई | = | θ360 × 2πr |
| चाप वाला क्षेत्रफल (Sector area) | = | θ360 × πr2 |
| विषय | = | सूत्र |
|---|---|---|
| माध्य (Mean) | = | सभी मानों का योगकुल मानों की संख्या |
| संवृत्त माध्य (Mean for grouped data) | = | Σf·xΣf |
| माध्यिका (Median) - असांवृत्त | = | n + 12 वीं संख्या |
| माध्यिका (Median) - सांवृत्त | = | l + n2 – F f × h |
| बहुलक (Mode) - सांवृत्त | = | l + f1 – f02f1 – f0 – f2 × h |
| विषय | = | सूत्र |
|---|---|---|
| प्रायिकता (साधारण) | = | मनचाही घटनाएँसंभाव्य कुल घटनाएँ |
| घटित न होने की प्रायिकता | = | 1 − P(E) |
| पूर्ण निश्चित घटना की प्रायिकता | = | 1 |
| असंभव घटना की प्रायिकता | = | 0 |
| 0 ≤ किसी घटना की प्रायिकता P(E) | ≤ | 1 |
| आकार | माप | सूत्र |
|---|---|---|
| घन (Cube) | पृष्ठ क्षेत्रफल | 6 × a2 |
| वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल | 4 × a2 | |
| आयतन | a3 | |
| घनाभ (Cuboid) | पृष्ठ क्षेत्रफल | 2(lb + bh + hl) |
| वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल | 2h(l + b) | |
| आयतन | l × b × h | |
| गोला (Sphere) | पृष्ठ क्षेत्रफल | 4πr2 |
| वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल | 4πr2 | |
| आयतन | 43πr3 | |
| अर्द्धगोला (Hemisphere) | पृष्ठ क्षेत्रफल | 3πr2 |
| वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल | 2πr2 | |
| आयतन | 23πr3 | |
| शंकु (Cone) | पृष्ठ क्षेत्रफल | πr(l + r) |
| वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल | πrl | |
| आयतन | 13πr2h | |
| बेलन (Cylinder) | पृष्ठ क्षेत्रफल | 2πr(r + h) |
| वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल | 2πrh | |
| आयतन | πr2h |