कक्षा 9वीं गणित के संपूर्ण सूत्र LaTeX Edition
सभी अध्यायों के महत्वपूर्ण सिद्धांतों, परिभाषाओं, उदाहरणों और गणितीय सूत्रों की एक संपूर्ण सूची। परीक्षाओं की सर्वोत्तम तैयारी और त्वरित रिवीजन के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया।
संख्या पद्धति (Number System)
संख्याओं को प्रदर्शित करने और उनकी विभिन्न विशेषताओं के अध्ययन को संख्या पद्धति (Number System) कहते हैं।
| क्र.सं. | प्रकार / नाम | परिभाषा एवं उदाहरण |
|---|---|---|
| 1 | प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers) | गणना करने वाली संख्याएँ: $1, 2, 3, 4, 5, \dots$ (इसे $\mathbb{N}$ से दर्शाते हैं) |
| 2 | पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers) | यदि प्राकृतिक संख्याओं में $0$ मिला लें: $0, 1, 2, 3, 4, \dots$ (इसे $\mathbb{W}$ से दर्शाते हैं) |
| 3 | पूर्णांक (Integers) | सभी धनात्मक, ऋणात्मक संख्याएँ और शून्य: $\dots, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, \dots$ (इसे $\mathbb{Z}$ से दर्शाते हैं) |
| 4 | धनात्मक पूर्णांक (Positive Integers) | $1, 2, 3, 4, 5, \dots$ |
| 5 | ऋणात्मक पूर्णांक (Negative Integers) | $-1, -2, -3, -4, -5, \dots$ |
| 6 | परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers) | जिन्हें $\frac{p}{q}$ के रूप में लिख सकें, जहाँ $p, q \in \mathbb{Z}$ और $q \neq 0$ हो। जैसे: $\frac{2}{3}, \frac{-7}{5}, 4$ (इसे $\mathbb{Q}$ से दर्शाते हैं) |
| 7 | अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers) | जिन्हें $\frac{p}{q}$ के रूप में न लिखा जा सके। जैसे: $\sqrt{2}, \sqrt{3}, \pi$ |
| 8 | वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers) | सभी परिमेय तथा अपरिमेय संख्याओं का संग्रह। जैसे: $4, -2.5, \sqrt{7}, \pi$ (इसे $\mathbb{R}$ से दर्शाते हैं) |
| 9 | सम संख्याएँ (Even Numbers) | वे संख्याएँ जो $2$ से पूरी तरह विभाजित हों। सामान्य रूप: $2n$, जैसे: $2, 4, 6, 8, \dots$ |
| 10 | विषम संख्याएँ (Odd Numbers) | वे संख्याएँ जो $2$ से विभाजित न हों। सामान्य रूप: $2n + 1$, जैसे: $1, 3, 5, 7, \dots$ |
| 11 | अभाज्य संख्याएँ (Prime Numbers) | जो केवल $1$ और स्वयं से विभाजित हों। जैसे: $2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, \dots$ ($2$ सबसे छोटा और एकमात्र सम अभाज्य संख्या है) |
| 12 | भाज्य संख्याएँ (Composite Numbers) | जिनके $2$ से अधिक गुणनखंड हों। जैसे: $4, 6, 8, 9, 10, \dots$ ($4$ सबसे छोटी भाज्य संख्या है) |
| 13 | HCF और LCM |
HCF (महतम समापवर्तक): सबसे बड़ी उभयनिष्ठ भाजक संख्या। LCM (लघुतम समापवर्त्य): सबसे छोटी उभयनिष्ठ गुणज संख्या। |
📍 सम्मिश्र संख्याएँ (Complex Numbers)
वे संख्याएँ जिन्हें $a + bi$ के रूप में व्यक्त किया जा सके, जहाँ $a, b$ वास्तविक संख्याएँ हैं तथा $i = \sqrt{-1}$ काल्पनिक मात्रक (Imaginary unit) है।
| क्र.सं. | विषय / सूत्र | गणितीय निरूपण (LaTeX) |
|---|---|---|
| 1 | सामान्य रूप (General Form) | $$z = a + bi$$ |
| 2 | मापांक (Modulus) | $$|z| = \sqrt{a^2 + b^2}$$ |
| 3 | संयुग्मी (Conjugate) | $$\bar{z} = a - bi$$ |
| 4 | ध्रुवीय रूप (Polar Form) | $$z = r(\cos\theta + i\sin\theta)$$ जहाँ $r = |z|$ और $\theta = \tan^{-1}\left(\frac{b}{a}\right)$ है |
| 5 | योग और अंतर (Addition & Subtraction) | $$(a+bi) \pm (c+di) = (a \pm c) + (b \pm d)i$$ |
| 6 | गुणनफल (Multiplication) | $$(a+bi)(c+di) = (ac - bd) + (ad + bc)i$$ |
| 7 | भागफल (Division) | $$\frac{a+bi}{c+di} = \frac{(ac+bd) + (bc-ad)i}{c^2+d^2}$$ |
बहुपद (Polynomials)
चर और अचर के घातांक गुणांकों के संयोजन से बने गणितीय व्यंजकों को बहुपद (Polynomials) कहा जाता है।
| क्र.सं. | विषय / सूत्र | सरल व्याख्या एवं गणितीय रूप |
|---|---|---|
| 1 | बहुपद का सामान्य रूप | $$P(x) = a_n x^n + a_{n-1} x^{n-1} + \dots + a_1 x + a_0$$ जहाँ $n$ एक गैर-ऋणात्मक पूर्णांक है। |
| 2 | बहुपद का मान निकालना | यदि $P(x) = x^2 + 3x + 2$ हो, तो $x = 1$ पर: $$P(1) = 1^2 + 3(1) + 2 = 6$$ |
| 3 | शून्य बहुपद (Zero Polynomial) | जब सभी पदों के गुणांक शून्य हों, जैसे $P(x) = 0$ इसकी घात अपरिभाषित होती है। |
| 4 | रैखिक बहुपद (Linear Polynomial) | जिसमें चर की अधिकतम घात $1$ हो। जैसे: $x + 2$ |
| 5 | द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial) | जिसमें चर की अधिकतम घात $2$ हो। जैसे: $x^2 + 3x + 2$ |
| 6 | बहुपद की घात (Degree of Polynomial) | बहुपद में चर की सबसे बड़ी घात (power) को "डिग्री" या "घात" कहते हैं। जैसे: $x^3 + x^2$ की घात $= 3$ है। |
| 7 | गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem) | यदि किसी बहुपद $P(x)$ के लिए $P(a) = 0$ हो, तो $$(x - a)$$ बहुपद $P(x)$ का एक गुणनखंड होगा। |
⚡ महत्वपूर्ण बीजीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities)
सर्वसमिकाएँ वे समीकरण होते हैं जो चरों के सभी मानों के लिए सत्य होते हैं।
🎨 Interactive Formula Generator Visual Canvas
निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry)
तल पर किसी बिंदु की स्थिति को संख्याओं के जोड़े द्वारा व्यक्त करने की विधि को निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) कहते हैं।
| क्र.सं. | विषय / सूत्र | परिभाषा एवं सूत्र (LaTeX) |
|---|---|---|
| 1 | बिंदु निरूपण (Point representation) | $$(x, y)$$ जहाँ $x$-अक्ष की दूरी को "भुज" (abscissa) तथा $y$-अक्ष की दूरी को "कोटि" (ordinate) कहते हैं। |
| 2 | मूल बिंदु (Origin Point) | $$(0,0)$$ वह स्थान जहाँ $x$-अक्ष और $y$-अक्ष परस्पर एक दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं। |
| 3 | चार चतुर्थांश (Quadrants) |
|
| 4 | दूरी सूत्र (Distance Formula) | दो बिंदुओं $P(x_1, y_1)$ और $Q(x_2, y_2)$ के बीच की दूरी: $$d = \sqrt{(x_2 - x_1)^2 + (y_2 - y_1)^2}$$ |
| 5 | मध्य बिंदु सूत्र (Midpoint Formula) | दो बिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड का मध्य बिंदु: $$M = \left( \frac{x_1 + x_2}{2}, \frac{y_1 + y_2}{2} \right)$$ |
दो चरों वाले रैखिक समीकरण (Linear Equations)
ऐसे समीकरण जिन्हें $ax + by + c = 0$ के रूप में प्रदर्शित किया जा सके, उन्हें रैखिक समीकरण (Linear Equations) कहा जाता है।
| क्र.सं. | विषय / सूत्र | विवरण एवं गणितीय निरूपण |
|---|---|---|
| 1 | एक चर वाला रैखिक समीकरण | $$ax + b = 0 \implies x = -\frac{b}{a}$$ जहाँ $a \neq 0$ एक अचर गुणांक है। |
| 2 | दो चरों वाला रैखिक समीकरण | $$ax + by + c = 0$$ जहाँ $a, b, c$ वास्तविक संख्याएँ हैं और $a, b \neq 0$ हैं। |
📌 रैखिक समीकरण हल करने के व्यावहारिक उदाहरण:
समीकरण: $3x + 6 = 12$
- संख्याओं को एक तरफ ले जाने पर: $3x = 12 - 6$
- सरल करने पर: $3x = 6$
- विभाजित करने पर: $x = \frac{6}{3} = 2$
समीकरण: $5x - 4 = 11$
- संख्याओं को एक तरफ ले जाने पर: $5x = 11 + 4$
- सरल करने पर: $5x = 15$
- विभाजित करने पर: $x = \frac{15}{5} = 3$
रेखाएँ और कोण (Lines and Angles)
रेखाओं की ज्यामितीय आकृतियों और उनके बीच झुकाव से बनने वाले कोणों के संबंधों का अध्ययन रेखाएँ और कोण (Lines and Angles) है।
| क्र.सं. | विषय / परिभाषा | नियम / सूत्र (LaTeX) |
|---|---|---|
| 1 | कोटिपूरक कोण (Complementary Angles) | यदि दो कोणों का योग $90^\circ$ हो, तो वे एक दूसरे के कोटिपूरक कहलाते हैं। $$\theta_1 + \theta_2 = 90^\circ$$ |
| 2 | संपूरक कोण (Supplementary Angles) | यदि दो कोणों का योग $180^\circ$ हो, तो वे संपूरक कोण कहलाते हैं। $$\theta_1 + \theta_2 = 180^\circ$$ |
| 3 | समानांतर रेखाएँ (Parallel Lines) | ऐसी दो सीधी रेखाएँ जो आगे बढ़ाने पर कभी आपस में नहीं मिलतीं। जैसे: $$AB \parallel CD$$ |
| 4 | तिर्यक रेखा नियम (Transversal Line Rule) | यदि कोई तिर्यक रेखा दो समानांतर रेखाओं को काटती है, तो एकांतर अंतः कोण (Alternate interior angles) तथा संगत कोण (Corresponding angles) आपस में बराबर होते हैं। $$\angle 1 = \angle 2 \text{ (एकांतर)}$$ $$\angle 3 = \angle 4 \text{ (संगत)}$$ |
त्रिकोणमिति (Trigonometry) - संपूर्ण अध्ययन
त्रिभुज की भुजाओं और उनके बीच बनने वाले कोणों के संबंधों को मापने का विज्ञान त्रिकोणमिति (Trigonometry) है।
📍 रेडियन और डिग्री माप (Radian and Degree Measures)
| रेडियन / डिग्री संकेत | सटीक मान एवं रूपांतरण सूत्र |
|---|---|
| 1 Radian ($1\text{ rad}$) | $$1\text{ rad} = \left(\frac{180^\circ}{\pi}\right) \approx 57^\circ 17' 45''$$ |
| 1 Degree ($1^\circ$) | $$1^\circ = \left(\frac{\pi}{180}\right)\text{ rad} \approx 0.017453\text{ rad}$$ |
| 1 Minute ($1'$) | $$1' = \left(\frac{\pi}{180 \times 60}\right)\text{ rad} \approx 0.000291\text{ rad}$$ |
| 1 Second ($1''$) | $$1'' = \left(\frac{\pi}{180 \times 3600}\right)\text{ rad} \approx 0.000005\text{ rad}$$ |
📍 त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios)
समकोण त्रिभुज के संदर्भ में: $H = \text{कर्ण}$ (Hypotenuse), $P = \text{लम्ब}$ (Perpendicular), $B = \text{आधार}$ (Base).
| पाइथागोरस सूत्र | मूल त्रिकोणमितीय अनुपात | व्युत्क्रम अनुपात सूत्र (Reciprocal) |
|---|---|---|
| $$H^2 = P^2 + B^2$$ | $$\sin\theta = \frac{P}{H} \text{ (लम्ब/कर्ण)}$$ | $$\csc\theta = \frac{1}{\sin\theta} = \frac{H}{P} \text{ (कर्ण/लम्ब)}$$ |
| $$P^2 = H^2 - B^2$$ | $$\cos\theta = \frac{B}{H} \text{ (आधार/कर्ण)}$$ | $$\sec\theta = \frac{1}{\cos\theta} = \frac{H}{B} \text{ (कर्ण/आधार)}$$ |
| $$B^2 = H^2 - P^2$$ | $$\tan\theta = \frac{P}{B} \text{ (लम्ब/आधार)}$$ | $$\cot\theta = \frac{1}{\tan\theta} = \frac{B}{P} \text{ (आधार/लम्ब)}$$ |
⚡ भागफल संबंध (Quotient Identities)
📍 त्रिकोणमितीय सारणी (Trigonometric Chart)
| कोण ($\theta$) | $0^\circ$ | $30^\circ$ | $45^\circ$ | $60^\circ$ | $90^\circ$ |
|---|---|---|---|---|---|
| $\sin\theta$ | $0$ | $\frac{1}{2}$ | $\frac{1}{\sqrt{2}}$ | $\frac{\sqrt{3}}{2}$ | $1$ |
| $\cos\theta$ | $1$ | $\frac{\sqrt{3}}{2}$ | $\frac{1}{\sqrt{2}}$ | $\frac{1}{2}$ | $0$ |
| $\tan\theta$ | $0$ | $\frac{1}{\sqrt{3}}$ | $1$ | $\sqrt{3}$ | $\infty$ (अपरिभाषित) |
| $\cot\theta$ | $\infty$ | $\sqrt{3}$ | $1$ | $\frac{1}{\sqrt{3}}$ | $0$ |
| $\sec\theta$ | $1$ | $\frac{2}{\sqrt{3}}$ | $\sqrt{2}$ | $2$ | $\infty$ |
| $\csc\theta$ | $\infty$ | $2$ | $\sqrt{2}$ | $\frac{2}{\sqrt{3}}$ | $1$ |
📍 त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Pythagorean Identities)
📍 संबंधित कोण सूत्र (Co-Ratio Identities)
| कोण रूपांतरण | $\sin$ | $\cos$ | $\tan$ | $\cot$ | $\sec$ | $\csc$ |
|---|---|---|---|---|---|---|
| $90^\circ - \theta$ | $\cos\theta$ | $\sin\theta$ | $\cot\theta$ | $\tan\theta$ | $\csc\theta$ | $\sec\theta$ |
| $90^\circ + \theta$ | $\cos\theta$ | $-\sin\theta$ | $-\cot\theta$ | $-\tan\theta$ | $-\csc\theta$ | $\sec\theta$ |
| $180^\circ - \theta$ | $\sin\theta$ | $-\cos\theta$ | $-\tan\theta$ | $-\cot\theta$ | $-\sec\theta$ | $\csc\theta$ |
| $180^\circ + \theta$ | $-\sin\theta$ | $-\cos\theta$ | $\tan\theta$ | $\cot\theta$ | $-\sec\theta$ | $-\csc\theta$ |
चतुर्भुज (Quadrilaterals)
चार भुजाओं से घिरी बंद समतल आकृति को चतुर्भुज (Quadrilaterals) कहते हैं।
| क्र.सं. | चतुर्भुज का प्रकार | क्षेत्रफल और परिमाप सूत्र (LaTeX) |
|---|---|---|
| 1 | कोण योग नियम | चारों अंतः कोणों का योग: $$\angle A + \angle B + \angle C + \angle D = 360^\circ$$ |
| 2 | आयत (Rectangle) |
क्षेत्रफल: $$\text{Area} = l \times w$$ परिमाप: $$\text{Perimeter} = 2(l + w)$$ |
| 3 | वर्ग (Square) |
क्षेत्रफल: $$\text{Area} = s^2$$ परिमाप: $$\text{Perimeter} = 4s$$ |
| 4 | समांतर चतुर्भुज (Parallelogram) |
क्षेत्रफल: $$\text{Area} = b \times h$$ परिमाप: $$\text{Perimeter} = 2(a + b)$$ |
| 5 | समचतुर्भुज (Rhombus) |
क्षेत्रफल: $$\text{Area} = \frac{1}{2} \times d_1 \times d_2$$ जहाँ $d_1, d_2$ विकर्ण हैं। |
वृत्त (Circles)
एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित बिंदुओं के बिंदु पथ को वृत्त (Circles) कहते हैं।
| क्र.सं. | विषय / अंग | मापने के सूत्र (LaTeX) |
|---|---|---|
| 1 | वृत्त का व्यास (Diameter) | $$d = 2r$$ (जहाँ $r$ त्रिज्या है) |
| 2 | वृत्त की परिधि (Circumference) | $$C = 2\pi r$$ |
| 3 | वृत्त का क्षेत्रफल (Area) | $$\text{Area} = \pi r^2$$ |
| 4 | त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल (Sector Area) | $$\text{Sector Area} = \frac{\theta}{360^\circ} \times \pi r^2$$ |
| 5 | चाप की लंबाई (Arc Length) | $$\text{Arc Length} = \frac{\theta}{360^\circ} \times 2\pi r$$ |
क्षेत्रमिति और हेरॉन का सूत्र (Mensuration)
त्रिभुजों और विभिन्न द्विविमीय आकृतियों के क्षेत्रफलों को मापने की वैज्ञानिक विधि क्षेत्रमिति (Mensuration) है।
| क्र.सं. | त्रिभुज प्रकार | विशेष सूत्र (LaTeX) |
|---|---|---|
| 1 | सामान्य त्रिभुज क्षेत्रफल | $$\text{Area} = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}$$ |
| 2 | समबाहु त्रिभुज क्षेत्रफल (Equilateral) | $$\text{Area} = \frac{\sqrt{3}}{4} a^2$$ जहाँ $a$ समबाहु त्रिभुज की भुजा है। |
| 3 | हेरॉन का सूत्र (Heron's Formula) | यदि त्रिभुज की तीन भुजाएँ $a, b, c$ हों, तो क्षेत्रफल: $$\text{Area} = \sqrt{s(s - a)(s - b)(s - c)}$$ जहाँ $s$ अर्ध-परिमाप (Semi-perimeter) है: $$s = \frac{a + b + c}{2}$$ |
पृष्ठ क्षेत्रफल और आयतन (Surface Areas & Volumes)
त्रिविमीय आकृतियों के कुल बाहरी सतह के माप (क्षेत्रफल) और उनके द्वारा घेरे गए स्थान (आयतन) का मापन।
| ठोस आकृति | वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल (Lateral Area) | संपूर्ण पृष्ठ क्षेत्रफल (Total Area) | आयतन (Volume) |
|---|---|---|---|
| घन (Cube) | $$4a^2$$ | $$6a^2$$ | $$a^3$$ |
| घनाभ (Cuboid) | $$2h(l + b)$$ | $$2(lb + bh + hl)$$ | $$l \times b \times h$$ |
| गोला (Sphere) | $$4\pi r^2$$ | $$4\pi r^2$$ | $$\frac{4}{3}\pi r^3$$ |
| अर्द्धगोला (Hemisphere) | $$2\pi r^2$$ | $$3\pi r^2$$ | $$\frac{2}{3}\pi r^3$$ |
| शंकु (Cone) | $$\pi r l$$ जहाँ slant height $l = \sqrt{r^2 + h^2}$ |
$$\pi r(l + r)$$ | $$\frac{1}{3}\pi r^2 h$$ |
| बेलन (Cylinder) | $$2\pi r h$$ | $$2\pi r(r + h)$$ | $$\pi r^2 h$$ |
सांख्यिकी (Statistics)
आंकड़ों के संग्रहण, प्रस्तुतीकरण और उनके विश्लेषण की गणितीय शाखा को सांख्यिकी (Statistics) कहते हैं।
| क्र.सं. | विषय / प्रकार | सटीक गणितीय सूत्र (LaTeX) |
|---|---|---|
| 1 | साधारण माध्य (Mean) | $$\bar{x} = \frac{\text{सभी प्रेक्षणों का योग}}{\text{प्रेक्षणों की कुल संख्या}} = \frac{\sum x_i}{n}$$ |
| 2 | वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य | $$\bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}$$ जहाँ $f$ आवृत्ति (frequency) है। |
| 3 | अवर्गीकृत माध्यिका (Median) | संख्या $n$ को आरोही क्रम में रखने पर: - यदि $n$ विषम (odd) है: $$\text{Median} = \left(\frac{n+1}{2}\right)\text{वाँ पद}$$ - यदि $n$ सम (even) है: $$\text{Median} = \frac{\left(\frac{n}{2}\right)\text{वाँ पद} + \left(\frac{n}{2}+1\right)\text{वाँ पद}}{2}$$ |
| 4 | वर्गीकृत माध्यिका (Median for Grouped Data) | $$\text{Median} = l + \left( \frac{\frac{n}{2} - F}{f} \right) \times h$$ |
| 5 | वर्गीकृत बहुलक (Mode for Grouped Data) | $$\text{Mode} = l + \left( \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \right) \times h$$ |
💡 सांख्यिकी सूत्रों के संकेतों की व्याख्या:
- $\sum f \cdot x$: आवृत्ति तथा मान के गुणनफलों का योग
- $l$: माध्यिका या बहुलक वर्ग की निम्न सीमा
- $n$: कुल आवृत्तियों का योग
- $F$: माध्यिका वर्ग के ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी आवृत्ति
- $f$: माध्यिका वर्ग की बारंबारता
- $f_0$: बहुलक वर्ग के ठीक पहले वर्ग की बारंबारता
- $f_1$: बहुलक वर्ग की बारंबारता
- $f_2$: बहुलक वर्ग के ठीक बाद वाले वर्ग की बारंबारता
- $h$: वर्ग अंतराल का माप (Class width)
प्रायिकता (Probability)
किसी घटना के घटित होने की संभावना की गणितीय माप को प्रायिकता (Probability) कहते हैं।
| क्र.सं. | प्रायिकता नियम | गणितीय सूत्र (LaTeX) |
|---|---|---|
| 1 | घटना $E$ की प्रायिकता | $$P(E) = \frac{\text{अनुकूल परिणामों की संख्या}}{\text{कुल संभावित परिणामों की संख्या}}$$ |
| 2 | घटना न घटने की प्रायिकता | $$P(\bar{E}) = 1 - P(E)$$ |
| 3 | निश्चित घटना (Sure Event) | $$P(E) = 1$$ |
| 4 | असंभव घटना (Impossible Event) | $$P(E) = 0$$ |
| 5 | प्रायिकता की सीमा | $$0 \le P(E) \le 1$$ |
Tyagi