Mathematics All Formulas - Class 12
गणित के सूत्रों का उपयोग गणितीय समस्याओं को हल करने में किया जाता है। यहाँ पर कक्षा 12 के गणित के कुछ महत्वपूर्ण सूत्र दिए गए हैं।
अध्याय: संबंध और फलन (Relations and Functions)
1. संबंध (Relation):
अगर दो अवयवों का एक नियत युग्म बनाया जाए, तो वह एक संबंध कहलाता है।
- कोई संबंध A और B के बीच होता है: R ⊆ A × B
- यदि (a, b) ∈ R ⇒ a का संबंध b से है
2. संबंध के प्रकार:
- परावर्ती (Reflexive): ∀ a ∈ A, (a, a) ∈ R
- सममिति (Symmetric): (a, b) ∈ R ⇒ (b, a) ∈ R
- पारगम्यता (Transitive): (a, b), (b, c) ∈ R ⇒ (a, c) ∈ R
- समानता संबंध (Equivalence): यदि R परावर्ती, सममिति और पारगामी हो
3. फलन (Function):
कोई फलन एक विशेष प्रकार का संबंध होता है जिसमें प्रत्येक इनपुट के लिए केवल एक आउटपुट होता है।
f: A → B, f(a) = b
- यहाँ A = क्षेत्र (Domain), B = सह-क्षेत्र (Codomain)
4. फलन के प्रकार:
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| सर्वदर्शी (Onto) | हर y ∈ B के लिए कोई x ∈ A हो जिससे f(x) = y | f(x) = x³ |
| एकाधिक (One-One) | यदि f(x₁) = f(x₂) ⇒ x₁ = x₂ | f(x) = 2x |
| एक-एक और सर्वदर्शी (Bijective) | One-One + Onto दोनों गुण | f(x) = x |
| स्थिर फलन (Constant) | हर x के लिए f(x) एक समान रहता है | f(x) = 5 |
5. सममित फलन (Even Function) और विषम फलन (Odd Function):
- Even: f(–x) = f(x)
- Odd: f(–x) = –f(x)
6. संयोजन फलन (Composite Function):
(f ∘ g)(x) = f(g(x))
7. प्रतिलोम फलन (Inverse Function):
Bijective फलन के लिए ही प्रतिलोम संभव है
f⁻¹(y) = x ⇒ f(x) = y
सदिश बीजगणित के प्रमुख सूत्र
| क्रम | सूत्र | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | A + B = (a₁ + b₁)i + (a₂ + b₂)j + (a₃ + b₃)k | सदिश योग |
| 2 | kA = (ka₁)i + (ka₂)j + (ka₃)k | सदिश का स्केलर गुणन |
| 3 | |A| = (a₁² + a₂² + a₃²) | सदिश का परिमाण |
| 4 | Û = A / |A| | एकांक सदिश |
| 5 | A · B = |A||B|cosθ | डॉट प्रोडक्ट (कोण सहित) |
| 6 | A · B = a₁b₁ + a₂b₂ + a₃b₃ | डॉट प्रोडक्ट का स्केलर रूप |
| 7 | A × B = |i j k| |a₁ a₂ a₃| |b₁ b₂ b₃| |
क्रॉस प्रोडक्ट (डिटर्मिनेंट रूप) |
| 8 | |A × B| = |A||B|sinθ | क्रॉस प्रोडक्ट का परिमाण |
| 9 | A · (B × C) | स्केलर त्रिपथ गुणनफल (3×3 Determinant) |
| 10 | A × (B × C) = (A · C)B – (A · B)C | सदिश त्रिपथ गुणनफल |
| 11 | AB̅ = (x₂ – x₁)i + (y₂ – y₁)j + (z₂ – z₁)k | दो बिंदुओं के बीच का सदिश |
| 12 | OP̅ = xi + yj + zk | स्थिति सदिश |
Matrices
Matrix Addition
Matrix Subtraction
Matrix Multiplication
Matrix Transpose
Matrix Inverse
Matrix Determinant
For a 2x2 matrix:
det(A) = a11 × a22 − a12 × a21
Matrix Scalar Multiplication
Matrix Identity (2x2)
Matrix Identity (3x3)
Rank of a Matrix
The rank of a matrix is denoted as rank(A). To find the rank, transform the matrix to its row echelon form and count the non-zero rows.
सारणिक (Determinants) के मुख्य सूत्र:
(1) 2×2 सारणिक:
यदि A =तो |A| = ad − bc
(2) 3×3 सारणिक:
|A| =|A| = a₁(b₂c₃ − b₃c₂) − b₁(a₂c₃ − a₃c₂) + c₁(a₂b₃ − a₃b₂)
(3) सारणिक के गुण (Properties):
- यदि कोई दो पंक्तियाँ/स्तंभ समान हों तो |A| = 0
- यदि किसी एक पंक्ति या स्तंभ को k से गुणा किया जाए, तो सारणिक भी k गुना हो जाता है।
- यदि दो पंक्तियाँ/स्तंभ आपस में बदल दिए जाएं, तो चिन्ह बदल जाता है।
- यदि किसी एक पंक्ति/स्तंभ के सभी तत्व शून्य हों, तो |A| = 0
(4) गुणन गुणधर्म (Multiplicative Property):
|AB| = |A| × |B|
(5) Cofactor और Minor:
- Minor: उस तत्व की पंक्ति और स्तंभ हटाकर बना हुआ सारणिक
- Cofactor: (−1)i+j × Minor
(6) Adjoint और Inverse:
यदि A का सारणिक |A| ≠ 0 है, तो Inverse:
A−1 = adj(A) |A|
Limit Formulas
| lim(x + y - z) | lim x + lim y - lim z |
| lim(xyz) | lim x lim y lim z |
| lim(xy) | lim xlim y |
| lim[Cf(x)] | C lim[f(x)] |
| lim[f(x)]n | (lim[f(x)])n |
| lim ex | ∞ |
| lim e-x | 0 |
| lim ln x | -∞ |
| lim xn | 0 (n>0) |
| lim x (x!) | e |
| lim (1 + kx)x | ek, e = 2.71 |
| lim (1 - 1x)x | 1e |
| lim ( 2πx xx ex ) 1x | e |
| lim xx e-x x / (2π) | (2π) |
| lim loga(1 + 1x) | loga e |
| lim loge(1 + x) / x | 1 |
| lim xsin x | 1 |
| lim xtan x | 1 |
| lim 1 - cos xx | 0 |
| lim 1 - cos xx2 | 12 |
| lim arcsin xx | 1 |
| lim arctan xx | 1 |
| lim (arccos x)21 - x | 2 |
Trigonometric Limits at Different Angles
| Angle (θ) | lim (sin θ) | lim (cos θ) | lim (tan θ) | lim (cot θ) | lim (sec θ) | lim (csc θ) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| θ → 0 | 0 | 1 | 0 | ∞ | 1 | ∞ |
| θ → π/2 (90°) | 1 | 0 | ∞ | 0 | ∞ | 1 |
| θ → π (180°) | 0 | -1 | 0 | -∞ | -1 | -∞ |
| θ → 3π/2 (270°) | -1 | 0 | -∞ | 0 | -∞ | -1 |
📘 1. सीमाएँ (Limits) के सूत्र:
- limx→a c = c
- limx→a x = a
- limx→a [f(x) ± g(x)] = lim f(x) ± lim g(x)
- limx→a [f(x) × g(x)] = lim f(x) × lim g(x)
- limx→a [f(x) / g(x)] = lim f(x) / lim g(x), जब lim g(x) ≠ 0
- limx→0 (sin x)/x = 1
- limx→0 (tan x)/x = 1
- limx→0 (1 - cos x)/x2 = 1/2
- limx→∞ (1 + 1/x)x = e
📘 2. बाएँ और दाएँ सीमा (Left & Right Limits):
- बाएँ सीमा (Left Hand Limit): limx→a⁻ f(x)
- दाएँ सीमा (Right Hand Limit): limx→a⁺ f(x)
- यदि limx→a⁻ f(x) = limx→a⁺ f(x), तब सीमा अस्तित्व में है।
📘 3. बिंदु पर सांतत्य (Continuity at a Point):
- f(x) किसी बिंदु x = a पर सतत (Continuous) है यदि:
- limx→a f(x) = f(a)
- अर्थात:
- f(a) परिभाषित हो
- limx→a f(x) अस्तित्व में हो
- limx→a f(x) = f(a)
📘 4. अंतराल में सांतत्य (Continuity in Interval):
- यदि f(x) दिए गए अंतराल के प्रत्येक बिंदु पर सतत हो तो वह उस अंतराल में सतत कहलाती है।
📘 5. अवकलनीयता की परिभाषा (Definition of Differentiability):
- f(x) एक बिंदु x = a पर अवकलनीय है यदि:
- limh→0 f(a + h) - f(a)h का मान अस्तित्व में हो
- यदि f(x) अवकलनीय है, तो वह सतत भी होती है, परंतु सतत होना अवकलनीयता की गारंटी नहीं देता।
📘 6. चेन नियम द्वारा अवकलज (Chain Rule):
- यदि y = f(u) और u = g(x), तो:
- dy/dx = (dy/du) × (du/dx)
📘 7. अंतर्निहित फलनों का अवकलन (Implicit Differentiation):
- यदि x और y आपस में जुड़े हों और प्रत्यक्ष रूप से y = f(x) नहीं लिखा जा सकता तो:
- उदाहरण: x2 + y2 = 1
- दोनों पक्षों का x के सापेक्ष अवकलन करें और y को y के रूप में रहने दें, पर dy/dx के रूप में अवकलन करें।
📘 8. लघुगणकीय अवकलन (Logarithmic Differentiation):
- जब कोई फलन गुणन या घात रूप में हो:
- y = f(x)g(x) ⇒ ln y = g(x) ln f(x)
- फिर दोनों पक्षों का अवकलन करें:
- (dy/dx) / y = d/dx [g(x) ln f(x)]
- अंत में, dy/dx = y × [डेरिवेटिव]
📘 9. व्युत्क्रम त्रिकोणमितीय फलनों के अवकलन (Inverse Trigonometric Functions Derivatives):
| Function | Derivative |
|---|---|
| d/dx (sin⁻¹x) | 1(1 - x²) |
| d/dx (cos⁻¹x) | −1(1 - x²) |
| d/dx (tan⁻¹x) | 11 + x² |
| d/dx (cot⁻¹x) | −11 + x² |
| d/dx (sec⁻¹x) | 1|x|(x² − 1) |
| d/dx (cosec⁻¹x) | −1|x|(x² − 1) |
📘 1. मूल सिद्धांत से अवकलज (Derivative from First Principles):
- f'(x) = limh→0 f(x + h) - f(x)h
📘 2. घातांक फलनों का अवकलन (Derivatives of Exponential Functions):
- d/dx (ax) = ax ln a
- d/dx (ex) = ex
- d/dx (af(x)) = af(x) ln a × f'(x)
📘 3. त्रिकोणमितीय फलनों का अवकलन (Derivatives of Trigonometric Functions):
| Function | Derivative |
|---|---|
| d/dx (sin x) | cos x |
| d/dx (cos x) | −sin x |
| d/dx (tan x) | sec2 x |
| d/dx (cot x) | −csc2 x |
| d/dx (sec x) | sec x tan x |
| d/dx (cosec x) | −cosec x cot x |
📘 4. व्युत्क्रम त्रिकोणमितीय फलनों का अवकलन (Derivatives of Inverse Trigonometric Functions):
- d/dx (sin⁻¹x) = 1(1 - x²)
- d/dx (cos⁻¹x) = −1(1 - x²)
- d/dx (tan⁻¹x) = 11 + x²
- d/dx (cot⁻¹x) = −11 + x²
- d/dx (sec⁻¹x) = 1|x|(x² − 1)
- d/dx (cosec⁻¹x) = −1|x|(x² − 1)
📘 5. अतिरेक फलनों (Hyperbolic Functions) का अवकलन (Derivatives of Hyperbolic Functions):
| Function | Derivative |
|---|---|
| d/dx (sinh x) | cosh x |
| d/dx (cosh x) | sinh x |
| d/dx (tanh x) | sech2 x |
| d/dx (coth x) | −csch2 x |
| d/dx (sech x) | −sech x tanh x |
| d/dx (csch x) | −csch x coth x |
📘 6. जोड़, गुणा, भाग तथा श्रृंखला नियम (Sum, Product, Quotient, and Chain Rule):
- Sum Rule: d/dx [f(x) + g(x)] = f'(x) + g'(x)
- Product Rule: d/dx [f(x) × g(x)] = f'(x)g(x) + f(x)g'(x)
- Quotient Rule: d/dx [f(x) / g(x)] = (g(x)f'(x) − f(x)g'(x)) / g(x)2
- Chain Rule: d/dx [f(g(x))] = f'(g(x)) × g'(x)
📘 7. पैरामीट्रिक रूप से परिभाषित फलनों का अवकलन (Parametric Differentiation):
- यदि x = f(t) और y = g(t) हो, तो:
- dx/dt = f'(t)
- dy/dt = g'(t)
- अब dy/dx = (dy/dt) / (dx/dt)
📘 8. उच्च कोटि के अवकलज (Higher Order Derivatives):
- यदि f'(x) = f1(x) हो, तो:
- f''(x) = d/dx [f'(x)] = f2(x)
- fn(x) = dn/dxn [f(x)]
- उच्चतम कोटि के अवकलज को nth derivative कहा जाता है।
अवकलज के अनुप्रयोग (Applications of Derivatives)
📘 1. बढ़ती एवं घटती फलन की पहचान (Identification of Increasing and Decreasing Functions)
बढ़ती फलन (Increasing Function): यदि f'(x) >0, तो f(x) फलन बढ़ता है।
घटती फलन (Decreasing Function): यदि f'(x)<0, तो f(x) फलन घटता है।
स्थिर फलन (Constant Function): यदि f'(x) = 0, तो f(x) फलन स्थिर रहता है।
📘 2. अधिकतम और न्यूनतम मान (Maximum and Minimum Values)
स्थानीय अधिकतम (Local Maximum): यदि f'(x) = 0 और f''(x)<0, तो यह अधिकतम मान होता है।
स्थानीय न्यूनतम (Local Minimum): यदि f'(x) = 0 और f''(x) >0, तो यह न्यूनतम मान होता है।
संपूर्ण अधिकतम और न्यूनतम (Global Maximum and Minimum): यह पूरे डोमेन में पाया जा सकता है।
📘 3. पहले अवकलज की परीक्षा (First Derivative Test)
पहले अवकलज का उपयोग किसी भी बिंदु पर फलन के बढ़ने या घटने की दिशा को जानने के लिए किया जाता है।
विधि:
- फलन f'(x) = 0 पर इसे हल करें।
- फिर पहले अवकलज के संकेत को बदलने का परीक्षण करें।
- यदि f'(x) की दिशा बदलती है, तो अधिकतम या न्यूनतम मान प्राप्त होता है।
📘 4. द्वितीय अवकलज की परीक्षा (Second Derivative Test)
द्वितीय अवकलज का उपयोग अधिकतम या न्यूनतम बिंदुओं को पहचानने के लिए किया जाता है।
विधि:
- यदि f''(x) >0, तो बिंदु न्यूनतम होता है।
- यदि f''(x)<0, तो बिंदु अधिकतम होता है।
- यदि f''(x) = 0, तो कोई निश्चित निर्णय नहीं लिया जा सकता।
📘 5. स्पर्शरेखा और लंब (Tangents and Normals)
स्पर्शरेखा (Tangent): स्पर्शरेखा उस बिंदु पर फलन के अवकलज की दिशा होती है। यदि f'(a) = m, तो स्पर्शरेखा का समीकरण होगा: y - f(a) = m(x - a).
लंब (Normal): लंब, स्पर्शरेखा पर लंबवत रेखा होती है। इसका समीकरण होता है: y - f(a) = -1/m(x - a).
📘 6. दर परिवर्तन (Rate of Change)
दर परिवर्तन (Rate of Change): यह एक ऐसा अनुप्रयोग है, जो वास्तविक जीवन में बदलाव की दर को मापता है, जैसे गति, वृद्धि, और गिरावट आदि।
दृष्टांत:
- गति = dsdt
- वृद्धि दर = dxdy
📘 7. सन्निकटन (Approximation)
सन्निकटन (Approximation): यह प्रक्रिया किसी फलन के मान को उस बिंदु के निकटतम सन्निकटन द्वारा मानने की होती है।
विधि:
- बड़े x के लिए किसी भी समीकरण का लघुगणकीय सन्निकटन किया जाता है।
- इसके लिए, x के मान का उपयोग करके हम कुछ निश्चित रेंज में मान प्राप्त कर सकते हैं।
समाकलन (Integration)
📘 1. अनिश्चित समाकलन के मूलभूत सूत्र (Fundamental Formulas of Indefinite Integration)
अनिश्चित समाकलन (Indefinite Integral): ∫ f(x) dx = F(x) + C, जहाँ C समाकलन का स्थिरांक होता है।
यह समाकलन किसी फलन f(x) का अवकलज के विपरीत होता है।
📘 2. प्रतिस्थापन द्वारा समाकलन (Integration by Substitution)
प्रतिस्थापन द्वारा समाकलन (Integration by Substitution): यदि u = g(x), तो फिर ∫ f(g(x)) g'(x) dx = ∫ f(u) du।
यह विधि तब प्रयोग की जाती है जब समाकलन में कुछ जटिलता हो और किसी उपयुक्त परिवर्तन से इसे सरल किया जा सके।
📘 3. खंडों में समाकलन (Integration by Parts)
खंडों में समाकलन (Integration by Parts): ∫ u dv = uv - ∫ v du, यह सूत्र उत्पाद के समाकलन के लिए होता है।
यह विधि तब उपयोग की जाती है जब फलन के भागों को अलग-अलग समाकलित करना सरल हो।
📘 4. आंशिक भिन्नों द्वारा समाकलन (Integration by Partial Fractions)
आंशिक भिन्नों द्वारा समाकलन (Integration by Partial Fractions): यदि f(x) को भिन्नों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, तो उसे भागों में विभाजित करके समाकलन किया जाता है।
उदाहरण के लिए, यदि ∫(P(x)/Q(x)) dx, तो इसे आंशिक भिन्नों में विभाजित करके समाकलित किया जाता है।
📘 5. त्रिकोणमितीय फलनों का समाकलन (Integration of Trigonometric Functions)
त्रिकोणमितीय फलनों का समाकलन (Integration of Trigonometric Functions): ∫ sin(x) dx = -cos(x) + C,
∫ cos(x) dx = sin(x) + C,
∫ sec²(x) dx = tan(x) + C,
∫ csc²(x) dx = -cot(x) + C,
∫ tan(x) dx = -ln|cos(x)| + C,
∫ cot(x) dx = ln|sin(x)| + C
📘 6. विशेष समाकलन (Special Integrals)
∫exf(x) dx html Copy Editविशेष समाकलन 1: ∫ ex f(x) dx = ex ∫ f(x) dx
यह समाकलन तब उपयोग किया जाता है जब किसी फलन में ex शामिल हो।
∫f′(x)/f(x) dx = log|f(x)| + C html Copy Editविशेष समाकलन 2: ∫ (f′(x)/f(x)) dx = log|f(x)| + C
यह समाकलन तब प्रयोग किया जाता है जब किसी फलन का अनुपात उसकी स्वयं की अवकलज से होता है।
📘 7. निश्चित समाकलन के गुण (Properties of Definite Integrals)
html Copy Editदृष्टांत: यदि a और b निश्चित सीमा हैं, तो समाकलन के कुछ गुण इस प्रकार हैं:
- ∫ab f(x) dx = - ∫ba f(x) dx (सीमाओं का परिवर्तन)
- ∫ab f(x) dx = F(b) - F(a), जहाँ F(x) f(x) का अवकलज है।
- ∫aa f(x) dx = 0 (यदि सीमाएँ समान हैं)
📘 8. वक्रों के क्षेत्रफल का निर्धारण (Determining Area Under Curves)
html Copy Editवक्रों के क्षेत्रफल का निर्धारण (Area Under Curves): वक्र के नीचे के क्षेत्रफल का निर्धारण निश्चित समाकलन द्वारा किया जाता है। यह समीकरण इस प्रकार होता है: A = ∫ab f(x) dx, जहाँ A वक्र द्वारा घेरित क्षेत्रफल है।
यह सूत्र किसी कर्व द्वारा निर्धारित क्षेत्र को ज्ञात करने के लिए उपयोग किया जाता है।
अवकल समीकरण (Differential Equations)
📘 1. अवकल समीकरण की परिभाषा (Definition of Differential Equations)
अवकल समीकरण (Differential Equation): एक समीकरण जिसमें एक या अधिक अवकलज (derivatives) शामिल होते हैं, अवकल समीकरण कहलाता है। यह समीकरण फलन और उसके अवकलजों के बीच संबंध को व्यक्त करता है।
📘 2. क्रम (Order) और घात (Degree) (Order and Degree)
क्रम (Order): अवकल समीकरण में सबसे उच्च अवकलज की शक्ति को क्रम कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि समीकरण में सबसे उच्च अवकलज d²y/dx² है, तो क्रम 2 होगा।
घात (Degree): अवकल समीकरण के सबसे उच्च अवकलज के घात को घात कहा जाता है। यह तब परिभाषित किया जाता है जब समीकरण को पूरी तरह से शुद्ध रूप में लिखा गया हो।
📘 3. सामान्य और विशेष हल (General and Particular Solutions)
सामान्य हल (General Solution): एक अवकल समीकरण का सामान्य हल वह हल होता है जिसमें एक या एक से अधिक अवज्ञात स्थिरांक (constants) होते हैं।
विशेष हल (Particular Solution): एक अवकल समीकरण का विशेष हल वह हल होता है जिसमें स्थिरांक के मान ज्ञात होते हैं।
📘 4. अवकल समीकरण का निर्माण (Formation of Differential Equations)
अवकल समीकरण का निर्माण (Formation of Differential Equations): अवकल समीकरण बनाने के लिए, एक फलन का अवकलज लिया जाता है और उसे फलन के साथ जोड़कर समीकरण में व्यक्त किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि y = x², तो इसका अवकलन y' = 2x होगा।
📘 5. हल की विधियाँ (Methods of Solving)
📘 5.1. चर पृथक्करण विधि (Method of Separation of Variables)
चर पृथक्करण विधि (Method of Separation of Variables): इस विधि में, अवकल समीकरण के दोनों पक्षों को इस प्रकार विभाजित किया जाता है कि एक पक्ष में केवल y के संदर्भ में और दूसरे पक्ष में केवल x के संदर्भ में फलन हो। फिर दोनों पक्षों का समाकलन किया जाता है।
📘 5.2. समरूपी समीकरण (Homogeneous Equations)
समरूपी समीकरण (Homogeneous Equations): एक अवकल समीकरण जिसमें हर पद में x और y दोनों के ही समरूप घात होते हैं, उसे समरूपी समीकरण कहा जाता है।
उदाहरण: M(x, y) dx + N(x, y) dy = 0 यदि M और N समान घात के हों, तो यह समरूपी समीकरण कहलाता है।
📘 5.3. रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations)
रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations): यदि अवकल समीकरण को इस रूप में लिखा जा सके:
dy/dx + P(x) y = Q(x),
जहाँ P(x) और Q(x) केवल x के फलन हैं, तो यह रैखिक अवकल समीकरण कहलाता है।
Mensuration/Geometry
2D Shapes Formulas
| S.No. | Formulaसूत्र | Descriptionविवरण | Equation |
|---|---|---|---|
| 1 | Area of a Rectangleआयत का क्षेत्रफल | Length × Widthलंबाई × चौड़ाई | l × wl × w |
| 2 | Perimeter of a Rectangleआयत का परिमाप | 2 × (Length + Width)2 × (लंबाई + चौड़ाई) | 2 × (l + w)2 × (l + w) |
| 3 | Area of a Squareवर्ग का क्षेत्रफल | Side2पार्श्व2 | s2s2 |
| 4 | Perimeter of a Squareवर्ग का परिमाप | 4 × Side4 × पार्श्व | 4 × s4 × s |
| 5 | Area of a Triangleत्रिभुज का क्षेत्रफल | 12 × Base × Height 12 × आधार × ऊँचाई | 12 × b × h 12 × b × h |
| 6 | Perimeter of a Triangleत्रिभुज का परिमाप | Side1 + Side2 + Side3पार्श्व1 + पार्श्व2 + पार्श्व3 | a + b + ca + b + c |
| 7 | Area of a Parallelogramसमांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल | Base × Heightआधार × ऊँचाई | b × hb × h |
| 8 | Perimeter of a Parallelogramसमांतर चतुर्भुज का परिमाप | 2 × (Base + Side)2 × (आधार + पार्श्व) | 2 × (b + s)2 × (b + s) |
| 9 | Area of a Rhombusसमतल चतुर्भुज का क्षेत्रफल | 12 × Diagonal1 × Diagonal2 12 × विकर्ण1 × विकर्ण2 | 12 × d1 × d2 12 × d1 × d2 |
| 10 | Perimeter of a Rhombusसमतल चतुर्भुज का परिमाप | 4 × Side4 × पार्श्व | 4 × s4 × s |
| 11 | Area of a Trapeziumसमलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल | 12 × (Base1 + Base2) × Height 12 × (आधार1 + आधार2) × ऊँचाई | 12 × (b1 + b2) × h 12 × (b1 + b2) × h |
| 12 | Perimeter of a Trapeziumसमलंब चतुर्भुज का परिमाप | Side1 + Side2 + Side3 + Side4 पार्श्व1 + पार्श्व2 + पार्श्व3 + पार्श्व4 | a + b + c + da + b + c + d |
| 13 | Area of a Sector of a Circleवृत्त के क्षेत्रफल का क्षेत्रफल | 12 × Radius2 × θ (in radians) 12 × त्रिज्या2 × θ (रेडियन में) | 12 × r2 × θ 12 × r2 × θ |
| 14 | Area of a Segment of a Circleवृत्त के खंड का क्षेत्रफल | Area of Sector - Area of Triangleक्षेत्रफल का क्षेत्रफल - त्रिभुज का क्षेत्रफल | Area of Sector - 12 × r2 × sin(θ) क्षेत्रफल का क्षेत्रफल - 12 × r2 × sin(θ) |
| 15 | Area of a Circleवृत्त का क्षेत्रफल | π × Radius2π × त्रिज्या2 | π × r2π × r2 |
| 16 | Circumference of a Circleवृत्त का परिधि | 2 × π × Radius2 × π × त्रिज्या | 2 × π × r2 × π × r |
| 17 | Surface Area of a Circleवृत्त का सतह क्षेत्रफल | π × Diameterπ × व्यास | π × dπ × d |
| 18 | Area of a Ellipseअंडाकार का क्षेत्रफल | π × Semi-major Axis × Semi-minor Axisπ × अर्ध-प्रधान अक्ष × अर्ध-अपकेंद्रित अक्ष | π × a × bπ × a × b |
| 19 | Perimeter of an Ellipseअंडाकार का परिमाप | 2 × π × sqrt((a2 + b2) / 2)2 × π × sqrt((a2 + b2) / 2) | 2 × π × sqrt((a2 + b2) / 2)2 × π × sqrt((a2 + b2) / 2) |
| 20 | Area of a Regular Polygonनियमित बहुभुज का क्षेत्रफल | 12 × Perimeter × Apothem 12 × परिमाप × अपोथेम | 12 × P × a 12 × P × a |
| 21 | Perimeter of a Regular Polygonनियमित बहुभुज का परिमाप | Number of Sides × Sideपार्श्वों की संख्या × पार्श्व | n × sn × s |
| 22 | Area of a Kiteपतंग का क्षेत्रफल | 12 × Diagonal1 × Diagonal2 12 × विकर्ण1 × विकर्ण2 | 12 × d1 × d2 12 × d1 × d2 |
| 23 | Perimeter of a Kiteपतंग का परिमाप | 2 × (Side1 + Side2)2 × (पार्श्व1 + पार्श्व2) | 2 × (a + b)2 × (a + b) |
| 33 | Area of a Circular Ringवृत्ताकार वलय का क्षेत्रफल | - | π(R2 - r2)π(R2 - r2) |
| 34 | Perimeter of a Circular Ringवृत्ताकार वलय का परिमाप | 2π(R + r)2π(R + r) | - |
| 36 | Perimeter of a Sector of a Circleवृत्त के सेक्टर का परिमाप | 2r + (θ/360)2πr2r + (θ/360)2πr | - |
| 37 | Area of an Annulusअंगुलाकार का क्षेत्रफल | - | π(R2 - r2)π(R2 - r2) |
| 38 | Perimeter of an Annulusअंगुलाकार का परिमाप | 2π(R + r)2π(R + r) | - |
| 41 | Area of an Ellipseदीर्घवृत्त का क्षेत्रफल | - | πabπab |
| 42 | Perimeter of an Ellipse (approx.)दीर्घवृत्त का परिमाप (अनुमानित) | π[3(a + b) - ((3a + b)(a + 3b))] π[3(a + b) - ((3a + b)(a + 3b))] | - |
| 49 | Area of an Irregular Polygonअनियमित बहुभुज का क्षेत्रफल | - | 12 |Σ(xiyi+1 - yixi+1)| 12 |Σ(xiyi+1 - yixi+1)| |
| 50 | Perimeter of an Irregular Polygonअनियमित बहुभुज का परिमाप | Σ ((xi+1 - xi)2 + (yi+1 - yi)2) Σ ((xi+1 - xi)2 + (yi+1 - yi)2) | - |
3D Shapes Formulas
| S.No. | Formulaसूत्र | Descriptionविवरण | Equation |
|---|---|---|---|
| 1 | Surface Area of a Cubeघन का सतह क्षेत्रफल | 6 × Side26 × भुजा2 | 6 × a26 × a2 |
| 2 | Volume of a Cubeघन का आयतन | Side3भुजा3 | a3a3 |
| 3 | Surface Area of a Cuboidघनाभ का सतह क्षेत्रफल | 2 × (Length × Breadth + Breadth × Height + Height × Length)2 × (लंबाई × चौड़ाई + चौड़ाई × ऊँचाई + ऊँचाई × लंबाई) | 2 × (l × b + b × h + h × l)2 × (l × b + b × h + h × l) |
| 4 | Volume of a Cuboidघनाभ का आयतन | Length × Breadth × Heightलंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई | l × b × hl × b × h |
| 5 | Surface Area of a Cylinderबेलन का सतह क्षेत्रफल | 2 × π × Radius × (Height + Radius)2 × π × त्रिज्या × (ऊँचाई + त्रिज्या) | 2 × π × r × (h + r)2 × π × r × (h + r) |
| 6 | Volume of a Cylinderबेलन का आयतन | π × Radius2 × Heightπ × त्रिज्या2 × ऊँचाई | π × r2 × hπ × r2 × h |
| 7 | Surface Area of a Sphereगोला का सतह क्षेत्रफल | 4 × π × Radius24 × π × त्रिज्या2 | 4 × π × r24 × π × r2 |
| 8 | Volume of a Sphereगोला का आयतन | 43 × π × Radius3 43 × π × त्रिज्या3 | 43 × π × r3 43 × π × r3 |
| 9 | Surface Area of a Hemisphereअर्धगोला का सतह क्षेत्रफल | 3 × π × Radius23 × π × त्रिज्या2 | 3 × π × r23 × π × r2 |
| 10 | Volume of a Hemisphereअर्धगोला का आयतन | 2/3 × π × Radius32/3 × π × त्रिज्या3 | 2/3 × π × r32/3 × π × r3 |
| 11 | Surface Area of a Coneशंकु का सतह क्षेत्रफल | π × Radius × (Radius + Slant Height)π × त्रिज्या × (त्रिज्या + तिर्यक ऊँचाई) | π × r × (r + l)π × r × (r + l) |
| 12 | Volume of a Coneशंकु का आयतन | 13 × π × Radius2 × Height 13 × π × त्रिज्या2 × ऊँचाई | 13 × π × r2 × h 13 × π × r2 × h |
| 13 | Surface Area of a Rectangular Prismआयताकार प्रिज्म का सतह क्षेत्रफल | 2 × (Length × Width + Width × Height + Height × Length)2 × (लंबाई × चौड़ाई + चौड़ाई × ऊँचाई + ऊँचाई × लंबाई) | 2 × (l × w + w × h + h × l)2 × (l × w + w × h + h × l) |
| 14 | Volume of a Rectangular Prismआयताकार प्रिज्म का आयतन | Length × Width × Heightलंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई | l × w × hl × w × h |
| 15 | Surface Area of a Triangular Prismत्रिभुजाकार प्रिज्म का सतह क्षेत्रफल | Base Area × Perimeter of Base × Heightआधार क्षेत्रफल × आधार की परिमाप × ऊँचाई | b × p × hb × p × h |
| 16 | Volume of a Triangular Prismत्रिभुजाकार प्रिज्म का आयतन | 12 × Base × Height × Length 12 × आधार × ऊँचाई × लंबाई | 12 × b × h × l 12 × b × h × l |
| 17 | Surface Area of a Pyramidपिरामिड का सतह क्षेत्रफल | Base Area + 12 × Perimeter of Base × Slant Height आधार क्षेत्रफल + 12 × आधार की परिमाप × तिर्यक ऊँचाई | A + 12 × p × l A + 12 × p × l |
| 18 | Volume of a Pyramidपिरामिड का आयतन | 13 × Base Area × Height 13 × आधार क्षेत्रफल × ऊँचाई | 13 × A × h 13 × A × h |
| 19 | Surface Area of a Torusअंगूठी का सतह क्षेत्रफल | 4 × π2 × Major Radius × Minor Radius4 × π2 × मुख्य त्रिज्या × लघु त्रिज्या | 4 × π2 × R × r4 × π2 × R × r |
| 20 | Volume of a Torusअंगूठी का आयतन | 2 × π2 × Major Radius × Minor Radius22 × π2 × मुख्य त्रिज्या × लघु त्रिज्या2 | 2 × π2 × R × r22 × π2 × R × r2 |
| 21 | Surface Area of a Hexagonal Prismषट्कोणीय प्रिज्म का सतह क्षेत्रफल | 6 × Side Length × Height + 2 × Base Area6 × भुजा लंबाई × ऊँचाई + 2 × आधार क्षेत्रफल | 6 × s × h + 2 × A6 × s × h + 2 × A |
| 22 | Volume of a Hexagonal Prismषट्कोणीय प्रिज्म का आयतन | Base Area × Heightआधार क्षेत्रफल × ऊँचाई | A × hA × h |
| 23 | Surface Area of a Hexagonal Pyramidषट्कोणीय पिरामिड का सतह क्षेत्रफल | Base Area + 12 × Perimeter of Base × Slant Height आधार क्षेत्रफल + 12 × आधार की परिमाप × तिर्यक ऊँचाई | A + 12 × p × l A + 12 × p × l |
| 24 | Volume of a Hexagonal Pyramidषट्कोणीय पिरामिड का आयतन | 13 × Base Area × Height 13 × आधार क्षेत्रफल × ऊँचाई | 13 × A × h 13 × A × h |
| 25 | Surface Area of a Octagonal Prismअष्टकोणीय प्रिज्म का सतह क्षेत्रफल | 8 × Side Length × Height + 2 × Base Area8 × भुजा लंबाई × ऊँचाई + 2 × आधार क्षेत्रफल | 8 × s × h + 2 × A8 × s × h + 2 × A |
| 26 | Volume of a Octagonal Prismअष्टकोणीय प्रिज्म का आयतन | Base Area × Heightआधार क्षेत्रफल × ऊँचाई | A × hA × h |
| 27 | Surface Area of a Octagonal Pyramidअष्टकोणीय पिरामिड का सतह क्षेत्रफल | Base Area + 12 × Perimeter of Base × Slant Height आधार क्षेत्रफल + 12 × आधार की परिमाप × तिर्यक ऊँचाई | A + 12 × p × l A + 12 × p × l |
| 28 | Volume of a Octagonal Pyramidअष्टकोणीय पिरामिड का आयतन | 13 × Base Area × Height 13 × आधार क्षेत्रफल × ऊँचाई | 13 × A × h 13 × A × h |
| 29 | Surface Area of an Ellipsoidदीर्घवृत्ताकार का सतह क्षेत्रफल | 4 × π × ((ap × bp + ap × cp + bp × cp)/3)1/p 4 × π × ((ap × bp + ap × cp + bp × cp)/3)1/p | -- |
| 30 | Volume of an Ellipsoidदीर्घवृत्ताकार का आयतन | 43 × π × a × b × c 43 × π × a × b × c | 43 × π × a × b × c 43 × π × a × b × c |
| 31 | Surface Area of a Right Circular Coneसमचतुर्भुज शंकु का सतह क्षेत्रफल | π × r × (r + l)π × r × (r + l) | π × r × (r + l)π × r × (r + l) |
| 32 | Volume of a Right Circular Coneसमचतुर्भुज शंकु का आयतन | 13 × π × r2 × h 13 × π × r2 × h | 13 × π × r2 × h 13 × π × r2 × h |
| 33 | Surface Area of a Right Circular Cylinderसमचतुर्भुज बेलन का सतह क्षेत्रफल | 2 × π × r × (r + h)2 × π × r × (r + h) | 2 × π × r × (r + h)2 × π × r × (r + h) |
| 34 | Volume of a Right Circular Cylinderसमचतुर्भुज बेलन का आयतन | π × r2 × hπ × r2 × h | π × r2 × hπ × r2 × h |
| 35 | Surface Area of a Hemisphereअर्द्धगोल का सतह क्षेत्रफल | 3 × π × r23 × π × r2 | 3 × π × r23 × π × r2 |
| 36 | Volume of a Hemisphereअर्द्धगोल का आयतन | 2/3 × π × r32/3 × π × r3 | 2/3 × π × r32/3 × π × r3 |
| 37 | Surface Area of a Right Circular Frustumसमचतुर्भुज स्तंभ का सतह क्षेत्रफल | π × (r1 + r2) × l + π × r12 + π × r22 π × (r1 + r2) × l + π × r12 + π × r22 | π × (r1 + r2) × l + π × r12 + π × r22 π × (r1 + r2) × l + π × r12 + π × r22 |
| 38 | Volume of a Right Circular Frustumसमचतुर्भुज स्तंभ का आयतन | 13 × π × h × (r12 + r22 + r1 × r2) 13 × π × h × (r12 + r22 + r1 × r2) | 13 × π × h × (r12 + r22 + r1 × r2) 13 × π × h × (r12 + r22 + r1 × r2) |
| 39 | Surface Area of a Capsuleकैप्सूल का सतह क्षेत्रफल | 2 × π × r(2r + a)2 × π × r(2r + a) | -- |
| 40 | Volume of a Capsuleकैप्सूल का आयतन | π × r2 × (( 43 ) × r + a) π × r2 × (( 43 ) × r + a) | π × r2 × (( 43 ) × r + a) π × r2 × (( 43 ) × r + a) |
| 41 | Surface Area of a Torusतोरण का सतह क्षेत्रफल | 4 × π2 × R × r4 × π2 × R × r | -- |
| 42 | Volume of a Torusतोरण का आयतन | 2 × π2 × R × r22 × π2 × R × r2 | 2 × π2 × R × r22 × π2 × R × r2 |
| 43 | Surface Area of a Hollow Sphereखोखले गोले का सतह क्षेत्रफल | 4 × π × (R2 + r2)4 × π × (R2 + r2) | -- |
| 44 | Volume of a Hollow Sphereखोखले गोले का आयतन | ( 43 ) × π × (R3 - r3) ( 43 ) × π × (R3 - r3) | ( 43 ) × π × (R3 - r3) ( 43 ) × π × (R3 - r3) |
| 45 | Surface Area of a Paraboloidपरवलय का सतह क्षेत्रफल | π × r × (r + r2 + 4h2 ) π × r × (r + r2 + 4h2 ) | -- |
| 46 | Volume of a Paraboloidपरवलय का आयतन | ( 12 ) × π × r2 × h ( 12 ) × π × r2 × h | ( 12 ) × π × r2 × h ( 12 ) × π × r2 × h |
| 47 | Surface Area of a Hyperboloidहाइपरबोलाइड का सतह क्षेत्रफल | 2 × π × a × b × (1 + (c/ a2 - b2 )) 2 × π × a × b × (1 + (c/ a2 - b2 )) | -- |
| 48 | Volume of a Hyperboloidहाइपरबोलाइड का आयतन | ( 13 ) × π × a2 × b ( 13 ) × π × a2 × b | ( 13 ) × π × a2 × b ( 13 ) × π × a2 × b |
| 49 | Surface Area of a Wedgeवेज़ का सतह क्षेत्रफल | b × h + 2 × l × (a + b)b × h + 2 × l × (a + b) | -- |
| 50 | Volume of a Wedgeवेज़ का आयतन | ( 12 ) × l × h × b ( 12 ) × l × h × b | ( 12 ) × l × h × b ( 12 ) × l × h × b |
| 51 | Surface Area of a Frustum of a Coneशंकु के फ्रस्ट्रम का सतह क्षेत्रफल | π × (R + r) × (R - r)2 + h2 + π × R2 + π × r2 π × (R + r) × (R - r)2 + h2 + π × R2 + π × r2 | ( 13 ) × π × h × (R2 + r2 + R × r) ( 13 ) × π × h × (R2 + r2 + R × r) |
| 52 | Surface Area of a Frustum of a Pyramidपिरामिड के फ्रस्ट्रम का सतह क्षेत्रफल | Base Area + Top Area + Lateral Areaआधार क्षेत्रफल + शीर्ष क्षेत्रफल + पार्श्व क्षेत्रफल | ( 13 ) × h × (A1 + A2 + A1 × A2 ) ( 13 ) × h × (A1 + A2 + A1 × A2 ) |
| 53 | Surface Area of a Tetrahedronटेट्राहेड्रॉन का सतह क्षेत्रफल | 3 × a2 3 × a2 | ( 16 ) × 2 × a3 ( 16 ) × 2 × a3 |
| 54 | Surface Area of an Ellipsoidअण्डाकार का सतह क्षेत्रफल | 2 × π × ((a2 + b2) / 2 + (a2 + c2) / 2 + (b2 + c2) / 2) 2 × π × ((a2 + b2) / 2 + (a2 + c2) / 2 + (b2 + c2) / 2) | ( 43 ) × π × a × b × c ( 43 ) × π × a × b × c |
| 55 | Surface Area of a Cuboidघनाभ का सतह क्षेत्रफल | 2 × (lw + lh + wh)2 × (lw + lh + wh) | l × w × hl × w × h |
| 56 | Surface Area of a Right Circular Coneसमवृत्त शंकु का सतह क्षेत्रफल | π × r × (r + l)π × r × (r + l) | ( 13 ) × π × r2 × h ( 13 ) × π × r2 × h |
| 57 | Surface Area of a Hexagonal Prismषट्कोणीय प्रिज्म का सतह क्षेत्रफल | 6 × a × (h + a)6 × a × (h + a) | (3 × 3) × a2 × h (3 × 3) × a2 × h |
| 58 | Surface Area of an Octahedronअष्टफलक का सतह क्षेत्रफल | 2 × 3 × a2 2 × 3 × a2 | ( 13 ) × 2 × a3 ( 13 ) × 2 × a3 |
| 59 | Surface Area of a Trapezoidal Prismसमलंब प्रिज्म का सतह क्षेत्रफल | h × (a + b) + l × (a + b + ((a - b)2 + h2) + 2l × h h × (a + b) + l × (a + b + ((a - b)2 + h2) ) + 2l × h | -- |
| 60 | Volume of a Trapezoidal Prismसमलंब प्रिज्म का आयतन | ( 12 ) × (a + b) × h × l ( 12 ) × (a + b) × h × l | ( 12 ) × (a + b) × h × l ( 12 ) × (a + b) × h × l |
Linear Equation (रेखीय समीकरण)
Linear Equation (रेखीय समीकरण) गणित में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसमें किसी समीकरण में एक या अधिक अज्ञात राशियाँ होती हैं और उन राशियों का संबंध सीधी रेखा के रूप में होता है। आइए Linear Equation को विस्तार से समझते हैं।
Linear Equation (रेखीय समीकरण): एक समीकरण जिसमें अज्ञात राशियों की अधिकतम शक्ति 1 होती है, उसे रेखीय समीकरण कहते हैं। रेखीय समीकरण का ग्राफ हमेशा एक सीधी रेखा होता है।
Standard Form (मानक रूप)
Single Variable Linear Equation (एक चर का रेखीय समीकरण):- जहाँ a और b वास्तविक संख्याएँ हैं और x अज्ञात राशि है।
- Example-
- Solution:
- जहाँ a , b और c वास्तविक संख्याएँ हैं और x तथा y अज्ञात राशियाँ हैं।
- Example-
- Solution: यदि x और y के विभिन्न मानों के लिए समीकरण को संतुलित करें तो:
- जब x = 1 हो, तो 3 ( 1 ) + 4 y - 5 = 0 ⟹ 3 + 4 y- 5 = 0 ⟹ 4 y = 2 ⟹ y = 12
- जब x = 0 हो, तो 3 ( 0 ) + 4 y- 5 = 0 ⟹ 4 y = 5 ⟹ y = 54
Types of Linear Equations (रेखीय समीकरण के प्रकार)
Simple Linear Equation (सरल रेखीय समीकरण): जिसमें केवल एक चर होता है।
- Example- 2 x + 5 = 0
Simultaneous Linear Equations (सहवर्ती रेखीय समीकरण): जिसमें दो या अधिक रेखीय समीकरण एक साथ हल किए जाते हैं।
-
Example- { 2x + 3𝑦 = 6 4x − 𝑦 = 5
Linear Inequalities (रेखीय असामिकाएँ): जिसमें अज्ञात राशियों के बीच असामिकाएँ होती हैं।
- Example- 2 x + 3 < 5
Methods to Solve Linear Equations (रेखीय समीकरण हल करने की विधियाँ)
Graphical Method (ग्राफिकल विधि):
- दो चर वाले रेखीय समीकरणों के ग्राफ को खींचकर हल करना।
Example-- समीकरण 2 x + 3 y = 6 और 4x - y = 5 के लिए:
- 2 x + 3 y = 6 का ग्राफ खींचें।
- 4x - y = 5 का ग्राफ खींचें।
- जहाँ दोनों ग्राफ मिलते हैं, वही हल है।
समीकरण (i): 2 x + 3 𝑦 = 6
-
जब x = 0
2 ( 0 ) + 3 y = 6 ⟹ 3 y = 6 ⟹ y = 2तो बिंदु (0, 2)।
-
जब y = 0
2 x + 3 ( 0 ) = 6 ⟹ 2 x = 6 ⟹ x = 3तो बिंदु (3, 0)।
समीकरण (ii): 4 x − 𝑦 = 5
-
जब x = 0 x = 0
4 ( 0 ) y = 5 ⟹ y = 5 ⟹ y = 5
तो बिंदु (0, -5)।
-
जब y = 0 y = 0 y =0:
4 x 0 = 5 ⟹ 4 x = 5 ⟹ x = 54 = 1.25तो बिंदु (1.25, 0)।
Substitution Method (प्रतिस्थापन विधि):
- एक समीकरण को हल करके दूसरी समीकरण में प्रतिस्थापित करना।
Example-{ x + 𝑦 = 5 x − 𝑦 = 1
पहले समीकरण से :- 𝑥 = 5 − 𝑦
इसे दूसरे समीकरण में प्रतिस्थापित करें:
( 5 − 𝑦 ) − 𝑦 = 1 ⟹ 5 − 2 𝑦 = 1 ⟹ 2 𝑦 = 4 ⟹ 𝑦 = 2
अब 𝑦 का मान पहले समीकरण में रखें:
𝑥 + 2 = 5 ⟹ 𝑥 = 3
अतः 𝑥 = 3 और 𝑦 = 2
Elimination Method (उन्मूलन विधि):
- दोनों समीकरणों को जोड़कर या घटाकर एक चर को समाप्त करना।
Example-{ 2x + 3𝑦 = 6 4x − 𝑦 = 5
दूसरे समीकरण को 3 से गुणा करें और पहले समीकरण को जोड़ें:{ 2x + 3𝑦 = 6 12x − 3𝑦 = 15
दोनों को जोड़ें:
2 𝑥 + 3 𝑦 + 12 𝑥 − 3 𝑦 = 6 + 15 ⟹ 14 𝑥 = 21 ⟹ 𝑥 = 2114 = 32
अब 𝑥 का मान किसी एक समीकरण में रखें:
2 ( 32 ) + 3 𝑦 = 6 ⟹ 3 + 3 𝑦 = 6 ⟹ 3 𝑦 = 3 ⟹ 𝑦 = 1
अतः 𝑥 = 32 और 𝑦 = 1
Statistics
Statistics में उपयोग होने वाले कुछ मुख्य गणितीय फ़ॉर्मूले निम्नलिखित हैं:Sets
1. Union of Sets / सेट्स का संघ
- Formula: A ∪ B= A ∪ B
Explanation: The union of two sets A and B is the set of elements that are in A, in B, or in both.
व्याख्या: दो सेट्स A और B का संघ उन तत्वों का सेट है जो A में हैं, B में हैं, या दोनों में हैं।
2. Intersection of Sets / सेट्स का छेदन
- Formula: A ∩ B= A ∩ B
Explanation (English): The intersection of two sets A and B is the set of elements that are in both A and B.
व्याख्या (हिन्दी): दो सेट्स A और B का छेदन उन तत्वों का सेट है जो दोनों A और B में होते हैं।
3. Difference of Sets / सेट्स का अंतर
- Formula: A - B= A - B
Explanation (English): The difference of two sets A and B is the set of elements that are in A but not in B.
व्याख्या (हिन्दी): दो सेट्स A और B का अंतर उन तत्वों का सेट है जो A में हैं लेकिन B में नहीं हैं।
4. Complement of a Set / सेट का पूरक
- Formula: A'= U - A
Explanation (English): The complement of a set A is the set of elements that are not in A, where U is the universal set.
व्याख्या (हिन्दी): एक सेट A का पूरक उन तत्वों का सेट है जो A में नहीं होते, जहाँ U सार्वभौम सेट है।
5. Number of Elements in Union / संघ में तत्वों की संख्या
- Formula: |A ∪ B|= |A| + |B| - |A ∩ B|
Explanation (English): The number of elements in the union of two sets is equal to the sum of the number of elements in each set minus the number of elements in their intersection.
व्याख्या (हिन्दी): दो सेट्स के संघ में तत्वों की संख्या उन दोनों सेट्स में तत्वों की संख्या के योग के बराबर होती है, जिसमें से उनके छेदन के तत्वों की संख्या को घटाया जाता है।
6. Number of Elements in Intersection / छेदन में तत्वों की संख्या
- Formula: |A ∩ B|= |A| + |B| - |A ∪ B|
Explanation (English): The number of elements in the intersection of two sets can be found by subtracting the number of elements in the union from the sum of the number of elements in each set.
व्याख्या (हिन्दी): दो सेट्स के छेदन में तत्वों की संख्या को दो सेट्स के संघ में तत्वों की संख्या को घटाकर प्राप्त किया जा सकता है।
7. Mean (Average):
यहाँ, 𝑥 डेटा आइटम हैं और 𝑛 उनकी संख्या है।Example: एक कक्षा में छात्रों के गणित टेस्ट के अंक निम्नलिखित हैं: 80, 75, 90, 85, 95। इन अंकों का औसत मान (Mean) क्या है?
इसलिए, इन छात्रों के गणित टेस्ट के औसत अंक 85 हैं।
8. Median:
- डेटा को छोटे से बड़े क्रम में व्यवस्थित करें।
- यदि डेटा संख्या विषम है, तो वह बीच में अंक है।
- यदि डेटा संख्या सम है, तो मध्य दो अंकों का औसत लें।
- डेटा को छोटे से बड़े क्रम में व्यवस्थित करें: 76, 78, 82, 85, 88, 90।
संख्या सम है, इसलिए मध्य दो अंकों का औसत लें: 82 + 85 = 167, और 167 / 2 = 83.5।
Example: एक वर्ग में छात्रों के गणित टेस्ट के अंक निम्नलिखित हैं: 78, 82, 90, 85, 76, 88। इन अंकों का मध्यांक (Median) क्या है?
इसलिए, इन छात्रों के गणित टेस्ट का मध्यांक 83.5 है।
9. Mode:
- सबसे अधिक बार आने वाला डेटा आइटम।
इस डेटा सेट में हम देख सकते हैं कि संख्या 3 सबसे अधिक बार (4 बार) आई है। इसलिए, इस डेटा सेट का बहुलक 3 है।
विभिन्न प्रकार के Mode:
Unimodal (एक बहुलक):जब डेटा सेट में केवल एक ही संख्या सबसे अधिक बार आती है।
- उदाहरण: 3, 7, 3, 2, 5, 3, 8, 7, 6, 3
- Mode: 3
Bimodal (दो बहुलक):जब डेटा सेट में दो संख्याएँ सबसे अधिक बार आती हैं।
- उदाहरण: 3, 7, 3, 2, 5, 3, 8, 7, 6, 3
- Mode: 3 और 7
Multimodal (अनेक बहुलक): जब डेटा सेट में दो से अधिक संख्याएँ सबसे अधिक बार आती हैं।
- उदाहरण: 3, 7, 3, 2, 5, 3, 8, 7, 6, 3, 2, 7
- Mode: 3, 2, और 7
10. Variance:
- Variance = ∑(xi − x̄)2n
यहाँ,
उदाहरण: एक गाँव में पाँच किसानों की फसल उत्पादन (क्विंटल में) निम्नलिखित है: 50, 45, 55, 60, 52। इन उत्पादन का वेरियंस (Variance) क्या है?
सबसे पहले, औसत (Mean) निकालें:
अब वेरियंस (Variance) निकालें:
Variance = (50 - 52.4)2 + (45 - 52.4)2 + (55 - 52.4)2 + (60 - 52.4)2 + (52 - 52.4)2 5
Variance = 6.76 + 49.36 + 7.84 + 29.16 + 0.16 5 = 93.28 5 = 18.656
इसलिए, इन पाँच किसानों के फसल उत्पादन का वेरियंस लगभग 18.656 क्विंटल है।
11. Standard Deviation:
जहाँ:
- xi = प्रत्येक डेटा बिंदु
- x̅ = डेटा सेट का औसत (Mean)
- n = डेटा बिंदुओं की संख्या
Consider the following data set: 5, 10, 15, 20, 25
निम्नलिखित डेटा सेट पर विचार करें: 5, 10, 15, 20, 25
Step 1: Calculate the mean (average) of the data set.
डेटा सेट का माध्य (औसत) गणना करें।
Mean (μ) / माध्य (μ) = (5 + 10 + 15 + 20 + 25) 5 = 15
Step 2: Calculate the squared differences from the mean for each data point.
प्रत्येक डेटा पॉइंट के लिए माध्य से वर्गीकृत अंतर की गणना करें।
Step 3: Find the average of these squared differences.
इन वर्गीकृत अंतर का औसत निकालें।
Variance (σ2) / विचलन (σ2) = (100 + 25 + 0 + 25 + 100) 5 = 50
Step 4: Take the square root of the variance to get the standard deviation.
मानक विचलन प्राप्त करने के लिए विचलन का वर्गमूल निकालें।
Standard Deviation (σ) / मानक विचलन (σ) = 50 ≈ 7.07
For the given data set {5, 10, 15, 20, 25}, the standard deviation is approximately 7.07.
दिए गए डेटा सेट {5, 10, 15, 20, 25} के लिए, मानक विचलन लगभग 7.07 है।
12. Correlation Coefficient (Pearson's r)
औसत (Mean) निकालें:
प्रत्येक xi और yi के औसत के बीच का अंतर निकालें:
इन अंतर के गुणनफल का योग निकालें:
xi के अंतर का वर्ग का योग निकालें:
yi के अंतर का वर्ग का योग निकालें:
Pearson's r निकालें:
13. Coefficient of Variation
औसत (Mean) निकालें:
प्रत्येक डेटा बिंदु और औसत के बीच का अंतर निकालें और प्रत्येक अंतर का वर्ग निकालें:
इन वर्गों का योग निकालें:
वेरियंस (Variance) निकालें:
मानक विचलन (Standard Deviation) निकालें:
Coefficient of Variation (CV) निकालें:
उत्तर: Coefficient of Variation
14. Normal Distribution
- अंदरूनी क्षेत्र की क्षमता:
यहाँ, Φ गणितीय फ़ंक्शन है और μ और σ मान हैं।
- 𝜇 = माध्य (Mean)
- 𝜎 = मानक विचलन (Standard Deviation)
- यदि हम 𝑃(𝑎 ≤ 𝑋 ≤ 𝑏) की गणना करना चाहते हैं, तो यह निम्नलिखित प्रकार से होती है:
- 𝑎 = 60 और 𝑏 = 80
-
𝑎 − 𝜇 / 𝜎 = 60 − 7010 = −1
𝑏 − 𝜇 / 𝜎 = 80 − 7010 = 1
-
संचयी वितरण फलन Φ का उपयोग करें:
Φ(1) = 0.8413 और Φ(−1) = 0.1587
-
अंतर निकालें:
Φ(1) − Φ(−1) = 0.8413 − 0.1587 = 0.6826
सामान्य वितरण (Normal Distribution)
सामान्य वितरण गणितीय और सांख्यिकीय अध्ययनों में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। इसे "गॉसियन वितरण" भी कहा जाता है। सामान्य वितरण एक बेल के आकार का ग्राफ होता है, जिसका मध्य बिंदु सबसे अधिक होता है और दोनों ओर बिंदु सममित होते हैं। इसका उपयोग सामान्यतः डेटा के वितरण का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।
सामान्य वितरण का समीकरण (Equation of Normal Distribution)">
सामान्य वितरण का समीकरण निम्नलिखित होता है:
𝑓(𝑥) = 1 (2πσ²) e−(𝑥−𝜇)² / 2σ² जहाँ,
𝑃(𝑎 ≤ 𝑋 ≤ 𝑏) = Φ(𝑏 − 𝜇𝜎) − Φ(𝑎 − 𝜇𝜎)
यहाँ Φ सामान्य वितरण का संचयी वितरण फलन (Cumulative Distribution Function) है।
Example : मान लीजिए कि किसी कॉलेज के छात्रों के गणित के अंकों का सामान्य वितरण है, जिसका माध्य (𝜇) = 70 और मानक विचलन (𝜎) = 10 है। हमें यह ज्ञात करना है कि कितने प्रतिशत छात्र 60 और 80 अंकों के बीच अंक प्राप्त करते हैं।Step-by-Step Calculation:
निष्कर्ष (Conclusion): 𝑃(60 ≤ 𝑋 ≤ 80) = 0.6826 इसका अर्थ है कि 68.26% छात्र 60 और 80 अंकों के बीच अंक प्राप्त करते हैं। Example :
मान लीजिए कि किसी परीक्षा में छात्रों के स्कोर सामान्य वितरण का पालन करते हैं, जिसका माध्य (𝜇) = 50 और मानक विचलन (𝜎) = 5 है। हमें यह ज्ञात करना है कि कितने प्रतिशत छात्र 45 और 55 अंकों के बीच अंक प्राप्त करते हैं।
-
Step-by-Step Calculation:
𝑎 = 45 और 𝑏 = 55 -
𝑎 − 𝜇 / 𝜎 = 45 − 505 = −1
𝑏 − 𝜇 / 𝜎 = 55 − 505 = 1
-
संचयी वितरण फलन Φ का उपयोग करें:
Φ(1) = 0.8413 और Φ(−1) = 0.1587
-
अंतर निकालें:
Φ(1) − Φ(−1) = 0.8413 − 0.1587 = 0.6826
निष्कर्ष (Conclusion): 𝑃(45 ≤ 𝑋 ≤ 55) = 0.6826 इसका अर्थ है कि 68.26% छात्र 45 और 55 अंकों के बीच अंक प्राप्त करते हैं।
नमूना वितरण (Sampling Distribution)
नमूना सांद्रता का अंदाज़ा करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का उपयोग किया जाता है: यहाँ,
- 𝑥 नमूना सांद्रता (Sample Mean) है,
- ∑𝑥 सभी नमूने के लिए सभी डेटा अंकों का योग है, और
- 𝑛 नमूने की संख्या है।
Example: अगर हम 8 छात्रों की एक कक्षा का नमूना लेते हैं और उनके गणित की परीक्षा में प्राप्तांकों का नमूना लेते हैं, तो उनकी नमूना सांद्रता की गणना की जा सकती है। यदि उनके प्राप्तांक हैं: 85, 90, 75, 80, 95, 85, 88, 92, 78, 82 तो नमूना सांद्रता की गणना इस प्रकार होगी: 𝑥 = 85 + 90 + 65 + 80 + 95 + 85 + 88 + 928 𝑥 = 6808 = 85 इस उदाहरण में, नमूना सांद्रता 𝑥 85 है, जिसका मतलब होता है कि नमूने के सभी छात्रों का गणित परीक्षा में औसत 85 अंक है।
Sampling Distribution of Sample Mean:
Formula:अगर X₁, X₂, ..., Xₙ निर्दिष्ट साइज़ (n) के एक नमूने के अंतर्गत आए उत्पादन की मान हैं, तो नमूने के औसत (sample mean) का फॉर्मूला निम्नलिखित होता है: 𝑋 = 1𝑛 ∑i=1n 𝑋ᵢ Example: एक विशेष फैक्ट्री में रोजाना 1000 यूनिट्स उत्पन्न होती हैं। हमने एक दिन के लिए 10 नमूने चुने और उनकी उत्पादन मात्रा निर्धारित की। इन नमूनों के औसत उत्पादन की साम्पलिंग डिस्ट्रीब्यूशन का अध्ययन करने के लिए हम निम्नलिखित कार्यवाही कर सकते हैं: Solution: नमूने से प्राप्त किए गए 10 नमूने: 980, 1020, 1000, 990, 1010, 995, 1005, 985, 1015, 1002 इन उत्पादन मात्राओं का औसत: 𝑋= 980 + 1020 + 1000 + 990 + 1010 + 995 + 1005 + 985 + 1015 + 100210 = 1000.2 इससे हम यह अनुमान लगा सकते हैं कि इस फैक्ट्री का औसत उत्पादन रोजाना लगभग 1000.2 यूनिट्स है।
Sampling Distribution of Sample Proportion
Formula:यदि p̂ निश्चित साइज़ (n) के एक नमूने में एक विशिष्ट प्रकार के घटक की प्राप्त संख्या का प्रतिशत है, तो नमूने के औसत प्रतिशत (sample proportion) का फॉर्मूला यह होता है: p̂ = 𝑋𝑛 यहाँ, X विशिष्ट प्रकार के घटक की प्राप्त संख्या है। Example:
एक निश्चित राज्य में 500 लोगों की एक सामग्री से संबंधित जानकारी का एक नमूना चुना गया। इस नमूने में 80 लोगों को यह सामग्री पसंद आई। इससे हम इस सामग्री के प्रतिशत का औसत अनुमान लगा सकते हैं: p̂ = 80500 = 0.16 इससे हम अनुमान लगा सकते हैं कि इस सामग्री को आमतौर पर 16% लोगों को पसंद आती है।
16. Exponential Distribution
Exponential Distribution का Probability Density Function (PDF) निम्नलिखित है: 𝑓(𝑥;𝜆) = 𝜆 e−𝜆𝑥 जहाँ:
- 𝜆 (lambda) दर (rate) पैरामीटर है।
- 𝑥 गैर-ऋणात्मक संख्या (non-negative number) है (अर्थात 𝑥 ≥ 0)।
Cumulative Distribution Function (CDF)
𝐹(𝑥;𝜆) = 1 − e−𝜆𝑥Mean (माध्य) और Variance (विचलन)
Mean: 𝐸(𝑋) = 1𝜆 Variance: Var(𝑋) = 1𝜆² Example: मान लीजिए किसी कॉल सेंटर में कॉल्स के बीच का औसत समय 5 मिनट है। हम इस औसत समय का उपयोग करके Exponential Distribution की दर (𝜆) निकाल सकते हैं।Step 1: Calculate Rate Parameter (𝜆): 𝜆 = 1Mean = 15 = 0.2
Step 2: Probability Calculation मान लीजिए हम यह जानना चाहते हैं कि अगली कॉल 10 मिनट के अंदर आने की क्या संभावना है। Using Cumulative Distribution Function (CDF): 𝐹(10;0.2) = 1 − e−0.2 × 10
Step 3: Calculation: 𝐹(10;0.2) = 1 − e−2 e2 ≈ 7.389 𝐹(10;0.2) = 1 − 17.389 𝐹(10;0.2) ≈ 0.865 इस प्रकार, अगली कॉल 10 मिनट के अंदर आने की संभावना लगभग 0.865 या 86.5% है।
17. Poisson Distribution
Poisson Distribution का Probability Mass Function (PMF) निम्नलिखित है: 𝑃(𝑋 = 𝑘) = 𝜆𝑘 e−𝜆𝑘! जहाँ:
- 𝜆 (lambda) घटनाओं की औसत दर (mean rate of occurrences) है।
- 𝑘 एक गैर-ऋणात्मक पूर्णांक (non-negative integer) है (अर्थात 𝑘 = 0, 1, 2, …)।
Mean (माध्य) और Variance (विचलन)
𝐸(𝑋) = 𝜆 Var(𝑋) = 𝜆 Example: मान लीजिए कि किसी बैंक की ग्राहक सेवा काउंटर पर औसतन 3 ग्राहक प्रति मिनट आते हैं। हम जानना चाहते हैं कि एक मिनट में ठीक 5 ग्राहक आने की क्या संभावना है। Step 1: Identify Parameters- औसत दर (𝜆): 3 ग्राहक प्रति मिनट
- 𝑘: 5 ग्राहक
18. Uniform Distribution
Continuous Uniform Distribution
Formula:Continuous Uniform Distribution का Probability Density Function (PDF) निम्नलिखित है:
{1𝑏 − 𝑎 for 𝑎 ≤ 𝑥 ≤ 𝑏0 otherwise} जहाँ:
- 𝑎 और 𝑏 वे सीमा (boundaries) हैं जिनके बीच वितरण होता है।
- 𝑥 वह वैल्यू है जिसके लिए प्रायिकता गणना की जाती है।
Mean (माध्य) और Variance (विचलन)
𝐸(𝑋) = 𝑎 + 𝑏2 Var(𝑋) = (𝑏 − 𝑎)212 Example: मान लीजिए एक रेंडम वेरिएबल 𝑋 एक Continuous Uniform Distribution का पालन करता है जहाँ 𝑎 = 2 और 𝑏 = 8। हम जानना चाहते हैं कि 𝑥 = 5 की प्रायिकता क्या है।Step 1: Apply Uniform Distribution Formula 𝑓(𝑥) = 1𝑏 − 𝑎 = 18 − 2 = 16 इस प्रकार, 𝑥 = 5 के लिए प्रायिकता 16 है।
Discrete Uniform Distribution
Formula:Discrete Uniform Distribution का Probability Mass Function (PMF) निम्नलिखित है: 𝑃(𝑋 = 𝑥) = 1𝑛 जहाँ:
- 𝑛 संभावित मानों की कुल संख्या है।
- 𝑥 वह वैल्यू है जिसके लिए प्रायिकता गणना की जाती है।
Example: मान लीजिए एक पासे (die) को फेंकने पर, 1 से 6 तक किसी भी संख्या का आना समान संभावना रखता है। यह एक Discrete Uniform Distribution है। Step 1: Identify Parameters
- 𝑛 = 6 (संभावित मान: 1, 2, 3, 4, 5, 6)
Step 2: Apply Discrete Uniform Distribution Formula 𝑃(𝑋 = 𝑥) = 16 इस प्रकार, पासे पर किसी भी संख्या का आना 16 की संभावना रखता है।
Probability
Permutations: nPm
Combinations: nCm
Whole numbers: n,m
| n P n | n! |
| n P m | n!( n - m ) ! |
| n C m | n! m! ( n - m ) ! or n C n - m |
Probability के प्रमुख फार्मूले
P(A) = अनुकूल परिणामों की संख्याकुल परिणामों की संख्या
P(A') = 1 - P(A)
P(A ∪ B) = P(A) + P(B) - P(A ∩ B)
P(A ∩ B) = P(A) × P(B)
P(A|B) = P(A ∩ B)P(B)
P(A|B) = P(B|A) × P(A)P(B)
P(B) = Σ P(B|Ai) × P(Ai)
P(A ∪ B) = P(A) + P(B) - P(A ∩ B)
P(कम से कम एक) = 1 - P(कोई नहीं)
P(केवल A या B) = P(A ∪ B) - P(A ∩ B)
P(A ∪ B) - 2P(A ∩ B)
P(A ∩ B) = P(A) × P(B|A)
P(A ∩ B) = 0
P(A1 ∪ A2 ∪ ... ∪ An) = P(A1) + P(A2) + ... + P(An)
P(A1 ∩ A2 ∩ ... ∩ An) = P(A1) × P(A2) × ... × P(An)
P(Ai|B) = P(B|Ai) × P(Ai)Σ P(B|Aj) × P(Aj)
P(B) = Σ P(B|Ai) × P(Ai)
P(¬A ∩ ¬B) = 1 - P(A ∪ B)
P(X = k) = n! / [k!(n-k)!]pk(1-p)n-k
E(X) = Σ xi P(xi)
Discussion & Reviews
Tap stars to rate this page:
Tyagi