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GK प्रश्नोत्तरी

प्रसिद्ध स्मारक

प्रसिद्ध स्मारक के बहुविकल्पीय प्रश्न 1-20 (कुल 20 प्रश्नों में से)। UPSC, SSC, Railway परीक्षा की तैयारी के लिए उत्तर Tobacco सहित। हमारे समर्पित प्रसिद्ध स्मारक जीके परीक्षण पत्रक के साथ वास्तुकला विरासत मानकों का अध्ययन करें। ताजमहल, कुतुब मीनार, प्राचीन अजंता की गुफाओं, शानदार द्रविड़ मंदिरों, राजस्थान के किलों और औपनिवेशिक विरासत स्थलों की संरचनात्मक समयसीमा का विवरण देने वाले वस्तुनिष्ठ ब्लॉकों को हल करें।

📄 कुल 20 प्रश्न पृष्ठ 1 / 1 MCQ प्रारूप 🇺🇸 Read in English

आगरा में स्थित भव्य ताजमहल (UNESCO विश्व धरोहर स्थल) का मुख्य स्थापत्य डिजाइन किस प्रसिद्ध दरबारी वास्तुकार द्वारा तैयार किया गया था?

व्याख्या

उस्ताद अहमद लाहौरी मुगल सम्राट शाहजहाँ के मुख्य वास्तुकार थे, जिन्होंने मुग़ल वास्तुकला की उत्कृष्ट कृति ताजमहल के साथ-साथ दिल्ली के लाल किले की नींव भी रखी थी। [याद करने की ट्रिक: लाहौरी मास्टर 'अहमद लाहौरी' ने मुगल वास्तुकला को अपनी ज्यामिति से बेजोड़ और अमर कृति बनाया था।]

दिल्ली में स्थित प्रसिद्ध कुतुब मीनार एक पांच मंजिला इमारत है। इसका निर्माण किसने शुरू किया था और बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त होने के बाद अंतिम मुख्य परतों का पुनर्निर्माण किसने किया था?

व्याख्या

कुतुब-उद-दीन ऐबक ने 1199 में आधार मंजिल का निर्माण शुरू किया था। इल्तुतमिश ने तीन मंजिलों को जोड़ा। बाद में 1368 में वज्रपात (आकाशीय बिजली) से क्षतिग्रस्त होने के बाद फिरोज शाह तुगलक ने संगमरमर और बलुआ पत्थरों से शीर्ष मंजिलों का जीर्णोद्धार करवाया। [याद करने की ट्रिक: 'ऐबक' ने बनाया आधार, 'इल्तुतमिश' ने संवारा मझदार, और 'फिरोज' ने संगमरमर लगाकर चमकाया मीनार।]

भारत की सबसे पुरानी पत्थर की इमारतों में से एक 'सांची का महान स्तूप' मूल रूप से किस मौर्य सम्राट के आदेश पर बनवाया गया था और वर्तमान में यह किस मुद्रा नोट पर अंकित है?

व्याख्या

सांची स्तूप (मध्य प्रदेश) की नींव ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी में महान सम्राट अशोक द्वारा भगवान बुद्ध के अवशेषों को सहेजने के लिए रखी गई थी। यह वर्तमान में चमकीले पीले ₹200 के भारतीय नोट के पीछे अंकित है। [याद करने की ट्रिक: 'सम्राट अशोक' का अहिंसा संदेश सांची के स्तूप में अंकित है और यह '₹200' के नोट पर सुशोभित है।]

एक ही विशाल अखंड बेसाल्ट चट्टान को काटकर बनाया गया एलोरा का शानदार 'कैलाश मंदिर' (गुफा संख्या 16) किस प्राचीन राजवंश के संरक्षण में बनवाया गया था?

व्याख्या

एलोरा (महाराष्ट्र) में स्थित कैलाश मंदिर चट्टानों को काटकर निर्मित वास्तुकला की श्रेष्ठ मिसाल है, जिसे 8वीं शताब्दी में राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम के काल में ऊपर से नीचे की ओर ऊर्ध्वाधर रूप से तराशा गया था। [याद करने की ट्रिक: पर्वत राज 'कैलाश' को एक ही चट्टान से तराशने के लिए राष्ट्र के सर्वोच्च राजा 'कृष्ण' और 'राष्ट्रकूट' का शौर्य लगा।]

जयपुर (राजस्थान) की वास्तुकला की पहचान 'हवामहल' (Palace of Winds) को 1799 में लाल चंद उस्ताद द्वारा किस महान हिंदू शासक के लिए डिजाइन किया गया था?

व्याख्या

हवामहल में हवा के प्रवाह के लिए 953 बेहद खूबसूरत जालीदार छोटी खिड़कियां (झरोखे) बनाई गई हैं, जो भगवान कृष्ण के मुकुट जैसी दिखती हैं। इसे महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने बनवाया था। [याद करने की ट्रिक: महाराजा 'प्रताप' ने राजपूत रानियों की बाजार और त्योहारों को सहजता से देखने के लिए हवा के महल 'हवामहल' की रचना की।]

सूर्य देव के एक विशाल रथ के आकार में डिजाइन किया गया, जिसमें 24 नक्काशीदार पहिये और 7 घोड़े हैं, कोणार्क का सूर्य मंदिर किस शक्तिशाली मध्यकालीन शासक द्वारा बनवाया गया था?

व्याख्या

ओडिशा के कोणार्क में स्थित इस 13वीं शताब्दी के सूर्य मंदिर को 'ब्लैक पगोडा' भी कहा जाता है। इसे पूर्वी गंगा राजवंश के प्रतापी राजा नरसिंहदेव प्रथम द्वारा निर्मित करवाया गया था। [याद करने की ट्रिक: सूर्य भगवान के महाबलशाली रथ को सागर के किनारे 'नरसिंह' (नरसिंहदेव प्रथम) के बाहुबल से स्थापित किया गया।]

मुंबई का ऐतिहासिक प्रवेश द्वार 'गेटवे ऑफ इंडिया' (Gateway of India) जॉर्ज विटेट द्वारा डिजाइन किया गया था। इसके निर्माण के पीछे प्रमुख ऐतिहासिक कारण क्या था?

व्याख्या

अरब सागर के तट पर इंडो-सारसेनिक शैली में बना यह ऐतिहासिक स्मारक दिसंबर 1911 में ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम और महारानी मैरी की शाही यात्रा की स्मृति में स्वागत द्वार के रूप में बनाया गया था। [याद करने की ट्रिक: किंग 'जॉर्ज पंचम' के स्वागत में 'जॉर्ज विटेट' ने 'गेटवे ऑफ इंडिया' का वास्तुशिल्प ढांचा खड़ा किया था।]

हैदराबाद का ऐतिहासिक कीर्ति स्तंभ 'चारमीनार' चार भव्य मेहराबों और सुंदर मीनारों से सुसज्जित है। सुल्तान मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने 1591 में इसे क्यों बनवाया था?

व्याख्या

1591 में कुली कुतुब शाह ने हैदराबाद शहर के मध्य में चारमीनार का निर्माण करवाया था, जो मुख्य रूप से शहर विनाशकारी प्लेग महामारी के समाप्त होने के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से की गई मन्नत थी। [याद करने की ट्रिक: महामारी 'प्लेग' के संकट को मिटने और खुशहाली लौटने की स्मृति में सुल्तान ने चार विशाल स्तंभों वाली 'चारमीनार' की नींव रखी।]

विजयपुर (कर्नाटक) में स्थित 'गोल गुंबज' का विशाल गुंबद मोहम्मद आदिल शाह का मकबरा है। यह ऐतिहासिक स्मारक अपनी किस ध्वनि विशेषता के लिए प्रसिद्ध है?

व्याख्या

गोल गुंबज का गुंबद दुनिया के सबसे बड़े स्तंभ-विहीन गुंबदों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता 'व्हिस्परिंग गैलरी' (Whispering Gallery) है, जहाँ एक बार बोली गई हल्की सी आवाज भी दीवारों से टकराकर 7 से 10 बार गूंज उठती है। [याद करने की ट्रिक: गोल गुंबज (Gol Gumbaz) में प्रवेश करें और दीवार के पास 'फुसफुसाएं' (Whisper) तो गुंबद आपकी आवाज को संगीत की तरह बार-बार लौटाएगा।]

तंजावुर में स्थित 'बृहदीश्वर मंदिर' द्रविड़ हिंदू वास्तुकला की एक उत्कृष्ट पराकाष्ठा है। राजराज चोल प्रथम ने इसके निर्माण में किस प्रमुख पत्थर का उपयोग किया था?

व्याख्या

यह भगवान शिव को समर्पित भव्य बृहदीश्वर मंदिर (1010 ईस्वी) 1 लाख 30 हजार टन से अधिक ठोस ग्रेनाइट के पत्थरों से निर्मित है। हैरानी की बात यह है कि 60 किमी के दायरे में कोई ग्रेनाइट खदान नहीं है और इसे बिना किसी गारे या जोड़ने वाले मसाले के आपस में फंसाकर बनाया गया है। [याद करने की ट्रिक: प्रतापी 'चोल' राजराजा ने 'भारी ग्रेनाइट' का एक ऐसा गगनचुंबी मंदिर बनाया जिसकी छाया दोपहर में जमीन पर नहीं पड़ती।]

दिल्ली में कुतुब मीनार परिसर में स्थित प्राचीन 'लौह स्तंभ' (Iron Pillar), जो जंग रोधी धातु विज्ञान का अद्वितीय उदाहरण है, उस पर खुदे संस्कृत शिलालेख के अनुसार किस राजा से संबंधित है?

व्याख्या

7 मीटर से अधिक ऊंचा यह लौह स्तंभ लगभग 1600 वर्षों से खुले आसमान के नीचे रहने के बाद भी जंग रहित है। इस पर ब्राह्मी लिपि में 'चन्द्र' नामक शासक का वर्णन खुदा है, जिनकी पहचान गुप्त शासक चंद्रगुप्त द्वितीय के रूप में की जाती है। [याद करने की ट्रिक: गुप्त वंश के राजा 'चन्द्र' (चंद्रगुप्त द्वितीय) ने वह लौह स्तंभ खड़ा किया जो आसमान की चांद जैसी चमक लिए आज भी जंग रहित खड़ा है।]

फतेहपुर सीकरी में स्थित 'बुलंद दरवाजा' (Buland Darwaza) दुनिया का सबसे ऊंचा प्रवेश द्वार है। इसका निर्माण किस मुगल सम्राट ने किस ऐतिहासिक विजय के उपलक्ष्य में करवाया था?

व्याख्या

बुलंद दरवाजा 54 मीटर ऊंचा एक भव्य स्थापत्य द्वार है, जिसे अकबर ने 1575 में अपनी त्वरित और अत्यधिक महत्वपूर्ण 'गुजरात' जीत की याद में बनवाया था। [याद करने की ट्रिक: अकबर ने पश्चिम के अमीर बंदरगाहों वाले सूबे 'गुजरात' को जीतकर अपने हौसलों को 'बुलंद' साबित किया था।]

दिल्ली में स्थित जहाँगीर के दादा, 'हुमायूँ का मकबरा' जिसे फारसी वास्तुकार मिरक मिर्ज़ा ग़ियास द्वारा डिज़ाइन किया गया था, भारतीय उपमहाद्वीप में किस रूप में पहला माना जाता है?

व्याख्या

हुमायूँ की मुख्य बेगम हाजी बेगम ने इसे बनवाया था। यह भारतीय उपमहाद्वीप में 'चारबाग शैली' यानी उद्यान के बीच बने मकबरे की पहली शानदार रचना थी, जिसने आगे चलकर ताजमहल के डिजाइन को गहराई से प्रेरित किया था। [याद करने की ट्रिक: प्रिय जीवनसाथी 'हुमायूँ' को खूबसूरत चारों ओर फैले 'चारबाग' उद्यान मकबरे में पहली बार विश्राम दिया गया।]

कोलकाता का भव्य 'विक्टोरिया मेमोरियल' (Victoria Memorial), जो सफेद मकराना संगमरमर से निर्मित है और शीर्ष पर विजय के देवदूत की मूर्ति से सुसज्जित है, के वास्तुकार कौन थे?

व्याख्या

विक्टोरिया मेमोरियल को प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार विलियम इमर्सन ने इंडो-सारसेनिक शैली में डिजाइन किया था और इसका उद्घाटन 1921 में किया गया था। [याद करने की ट्रिक: विलियम 'इमर्सन' (Emerson) ने महारानी की याद में कोलकाता के सीने पर सुंदर 'विक्टोरिया मेमोरियल' सजाया था।]

कोरोमंडल तट पर बंगाल की खाड़ी की ओर मुख करके खड़ा महाबलीपुरम (तमिलनाडु) का 'तटीय मंदिर' (Shore Temple) किस पल्लव शासक के शासनकाल में निर्मित हुआ था?

व्याख्या

शोर टेम्पल दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन संरचनात्मक पत्थर के मंदिरों में से एक है, जो 8वीं शताब्दी में पल्लव शासक नरसिंहवर्मन द्वितीय के वास्तुकला प्रेम के कारण अस्तित्व में आया था। [याद करने की ट्रिक: लहरों से लड़ते 'तटीय' (Shore) मंदिर को पल्लवों के वीर शेर रूपी राजा 'नरसिंहवर्मन द्वितीय' ने स्थापित किया था।]

हैदराबाद का प्रसिद्ध 'गोलकुंडा किला' (Golconda Fort), जो अपनी अद्भुत ध्वनि सुरक्षा प्रणाली और कोहिनूर हीरे की व्यापारिक धरोहर के लिए जाना जाता है, मूल रूप से किस राजवंश द्वारा बनवाया गया था?

व्याख्या

गोलकुंडा किला मूल रूप से 12वीं शताब्दी में काकतीय राजवंश के शासकों द्वारा एक मिट्टी के किले के रूप में बनवाया गया था। बाद में कुतुबशाही राजाओं ने इसे ग्रेनाइट से अत्यधिक मजबूत व सुरक्षित और हीरों का प्रमुख केंद्र बनाया। [याद करने की ट्रिक: हीरों के राजा गोलकुंडा को 'कुतुबशाह' से भी पहले 'काकतीय' (Kakatiya) राजवंश ने साधारण मिट्टी से सींचा था।]

मध्य प्रदेश में किस प्रसिद्ध ऐतिहासिक परिसर में चंदेल राजवंश द्वारा नागर शैली में बनाए गए मंदिर स्थित हैं, जो अपनी उत्कृष्ट कामुक कला और बेहतरीन नक्काशी के लिए प्रसिद्ध हैं?

व्याख्या

950 से 1050 ईस्वी के बीच चंदेल शासकों द्वारा निर्मित खजुराहो के मंदिर हिंदू और जैन संस्कृतियों के मिलन स्थल हैं, जो अपनी भव्यता और मूर्तिकला के संतुलन के लिए विश्व विख्यात हैं। [याद करने की ट्रिक: 'चंदेल' (चंद्रमा के समान चमकने वाले) राजाओं ने खजूर के पेड़ों से भरे सुंदर 'खजुराहो' के जंगलों में बेजोड़ कला के मंदिर तराशे थे।]

भारत के सबसे बड़े किलों में से एक, राजस्थान का ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ किला परिसर अपने 'विजय स्तंभ' (Tower of Victory) के लिए प्रसिद्ध है। इसे किसने बनवाया था?

व्याख्या

मेवाड़ के प्रतापी राजा राणा कुंभा ने 1448 में मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी के नेतृत्व वाली मालवा-गुजरात की सेना को युद्ध में पराजित कर अपनी अविश्वसनीय जीत की स्मृति में 9 मंजिला सुंदर विजय स्तंभ बनवाया था। [याद करने की ट्रिक: मेवाड़ की विजयगाथा 'राणा कुंभा' ने अपनी वीरता के विशाल 'कुंभ' (स्तंभ) के रूप में चित्तौड़गढ़ की धरती पर जमा की थी।]

प्राचीन काल के विश्व प्रसिद्ध शिक्षा के प्रमुख केंद्र 'नालंदा विश्वविद्यालय' के खंडहर बिहार में स्थित हैं। 5वीं शताब्दी ईस्वी में इस प्रसिद्ध पीठ की स्थापना किसने की थी?

व्याख्या

नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय के काल के उपरांत उनके उत्तराधिकारी कुमारगुप्त प्रथम (शक्रादित्य) द्वारा 5वीं शताब्दी के आरंभ में की गई थी, जिसने दुनिया भर के बौद्ध विद्वानों को आकर्षित किया था। [याद करने की ट्रिक: शिक्षा अर्जन करने वाले 'कुमारों' (छात्रों) के लिए गुप्त राजा 'कुमारगुप्त' ने महान नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण करवाया था।]

गुजरात का प्रसिद्ध 'मोढेरा का सूर्य मंदिर' (Sun Temple at Modhera), जो अपने 'सूर्य कुंड' बावड़ी की स्थापत्य कला और ज्यामिति के लिए विख्यात है, किस नदी के किनारे स्थित है?

व्याख्या

सोलंकी (चालुक्य) राजवंश के राजा भीम प्रथम द्वारा 1026 ईस्वी में निर्मित मोढेरा सूर्य मंदिर गुजरात की पुष्पावती नदी के किनारे बना हुआ है, जिसमें सूर्य की पहली किरण सीधे गर्भगृह में पड़ती थी। [याद करने की ट्रिक: सोलंकी राजाओं ने 'पुष्पावती' नदी के सुंदर आंचल पर सूर्य देव के चरणों में 'पुष्प' (फूल) की तरह यह सूर्य मंदिर मोढेरा समर्पित किया।]

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