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GK प्रश्नोत्तरी

प्राचीन भारतीय इतिहास

प्राचीन भारतीय इतिहास के बहुविकल्पीय प्रश्न 1-25 (कुल 54 प्रश्नों में से)। UPSC, SSC, Railway परीक्षा की तैयारी के लिए उत्तर Tobacco सहित। UPSC, SSC CGL, रेलवे और राज्य PSC परीक्षाओं के लिए हमारे विस्तृत प्राचीन भारतीय इतिहास जीके क्विज के साथ अपने स्कोर को बढ़ाएं। इस उच्च अनुकूलित अभ्यास परीक्षण में सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, मौर्य साम्राज्य और गुप्त राजवंश को कवर करने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं।

📄 कुल 54 प्रश्न पृष्ठ 1 / 3 MCQ प्रारूप 🇺🇸 Read in English

सिंधु घाटी सभ्यता की खोज किस वर्ष हुई थी?

व्याख्या

सिंधु घाटी सभ्यता की खोज 1921 में हुई थी जब पुरातत्वविद दयाराम साहनी ने पंजाब क्षेत्र में हड़प्पा के खंडहरों की खुदाई की थी। यह कांस्य युगीन सभ्यता लगभग 3300-1300 ईसा पूर्व दक्षिण एशिया के उत्तर-पश्चिमी भागों में फली-फूली। [याद करने की ट्रिक: हड़प्पा पर 'दया' (दयाराम) आई वर्ष 21 (1921) में जब साहनी ने खोज की।]

निम्नलिखित में से कौन सा सिंधु घाटी स्थल एक प्राचीन गोदीवाड़ा (डॉकयार्ड) और प्रमुख समुद्री बंदरगाह के रूप में कार्य करता था?

व्याख्या

लोथल, जो वर्तमान गुजरात के सरगवाला गाँव में स्थित है, भोगवा नदी के तट पर हड़प्पा सभ्यता का एक प्रमुख समुद्री बंदरगाह था। इसमें जहाजों के लिए बने एक विशाल कृत्रिम ईंट के जलाशय की पहचान गोदीवाड़ा (डॉकयार्ड) के रूप में की गई है। [याद करने की ट्रिक: समुद्री जहाजों पर भारी 'लोह' (लोहा/लोड) लादा जाता है = 'लोथल'।]

सिंधु घाटी सभ्यता का प्रसिद्ध 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) किस प्राचीन स्थल पर खोजा गया था?

व्याख्या

विशाल स्नानागार मोहनजोदड़ो (वर्तमान सिंध, पाकिस्तान में स्थित) की सबसे प्रसिद्ध सार्वजनिक संरचनाओं में से एक है। इसकी माप 11.88 x 7.01 मीटर और अधिकतम गहराई 2.43 मीटर थी, और इसका उपयोग शायद धार्मिक स्नान और अनुष्ठानों के लिए किया जाता था। [याद करने की ट्रिक: 'म-ज' (मोहन-जोदड़ो) यानी 'मजे से जल' में डुबकी लगाना = विशाल स्नानागार!]

ऋग्वैदिक भूगोल में, आधुनिक रावी नदी का प्राचीन ऐतिहासिक नाम क्या था?

व्याख्या

ऋग्वैदिक नदी परुष्णी की पहचान आधुनिक रावी नदी से की जाती है। इसी नदी के तट पर ऐतिहासिक 'दस राजाओं का युद्ध' (दाशराज्ञ युद्ध) लड़ा गया था, जिसमें भरत कबीले के राजा सुदास की जीत हुई थी। [याद करने की ट्रिक: 'रावी' बड़ा 'पुरुष' (परुष्णी) बनकर युद्ध लड़ता है।]

सूर्य देवता 'सविता' को समर्पित प्रसिद्ध गायत्री मंत्र, ऋग्वेद के किस मंडल में संकलित है?

व्याख्या

गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तीसरे मंडल (ऋग्वेद बुक 3) में मिलता है, जिसकी रचना महर्षि विश्वामित्र ने की थी। यह गायत्री (सविता) को समर्पित है, जो बुद्धि और प्रकाश के देवता हैं। [याद करने की ट्रिक: गायत्री महामंत्र में मुख्य '3' लोक के नाम (भूः, भुवः, स्वः) हैं = मंडल '3'।]

भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के तुरंत बाद बुलाई गई प्रथम बौद्ध संगीति किस शासक के संरक्षण में आयोजित की गई थी?

व्याख्या

प्रथम बौद्ध संगीति 483 ईसा पूर्व में राजगृह की सप्तपर्णी गुफा में हर्यक वंश के राजा अजातशत्रु के संरक्षण में आयोजित की गई थी। इसकी अध्यक्षता महाकश्यप ने की थी ताकि बुद्ध के उपदेशों (सुत्त पिटक और विनय पिटक) को संरक्षित किया जा सके। [याद करने की ट्रिक: जिसका कोई शत्रु न हो ('अजात-शत्रु'), वही बेफिक्र होकर पहला ('1st') काम करवाएगा।]

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर, वर्धमान महावीर का जन्म स्थान कहाँ है?

व्याख्या

वर्धमान महावीर का जन्म 540 ईसा पूर्व वैशाली (आधुनिक बिहार) के पास कुण्डग्राम में हुआ था। उनके पिता सिद्धार्थ ज्ञात्रिक कबीले के प्रमुख थे और माता त्रिशला लिच्छवी राजकुमारी थीं। उन्होंने जृंभिकग्राम में कैवल्य (ज्ञान) और पावापुरी में निर्वाण प्राप्त किया। [याद करने की ट्रिक: महावीरों का कुनबा ('कुण्डग्राम') हमेशा ज्ञान के मामलों में सबसे आगे होता है।]

मेगस्थनीज की प्राचीन पुस्तक 'इंडिका' के अनुसार, मौर्यकालीन समाज को कितने विशिष्ट वर्गों में विभाजित किया गया था?

व्याख्या

चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में सेल्यूकस निकेटर द्वारा भेजे गए यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने 'इंडिका' लिखी थी। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय समाज सात वर्गों में विभाजित था: दार्शनिक, किसान, चरवाहे, कारीगर/व्यापारी, सैनिक, निरीक्षक और सभासद। [याद करने की ट्रिक: 'INDICAS' शब्द में कुल '7' वर्ण मानिए = '7' वर्ग।]

अशोक के किस मुख्य शिलालेख में ऐतिहासिक कलिंग युद्ध के दर्दनाक विवरण और उनके गहरे पश्चाताप का सविस्तार वर्णन है?

व्याख्या

अशोक के 13वें मुख्य शिलालेख (Major Rock Edict XIII) में कलिंग पर उनकी विजय (राज्याभिषेक के 8 वर्ष बाद, 261 ईसा पूर्व) का विषद विवरण मिलता है। इसमें युद्ध की विभीषिका, मौतों पर उनके गहरे शोक और इसके बाद भेरीघोष से धम्मघोष की ओर उनके परिवर्तन को दर्शाया गया है। [याद करने की ट्रिक: युद्ध में 'तेरा' (13) सर्वनाश तय है; इसलिए 13वें शिलालेख में पश्चाताप की कथा है।]

एक ऐतिहासिक भारतीय कैलेंडर, विक्रम संवत की शुरुआत किस वर्ष से हुई थी?

व्याख्या

विक्रम संवत की स्थापना 57 ईसा पूर्व में उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रमणकारियों शक (Scythians) पर अपनी निर्णायक जीत की स्मृति में की थी। यह हिंदू पंचांग और उत्तर-पश्चिम भारत में काफी लोकप्रिय है। [याद करने की ट्रिक: विक्रमादित्य ने '57' की उम्र में दुश्मनों को पस्त (57) किया और नया संवत चलाया।]

गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त के सैन्य विजय अभियानों का गुणगान करने वाली प्रसिद्ध 'प्रयाग प्रशस्ति' (इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख) की रचना किसने की थी?

व्याख्या

प्रयाग प्रशस्ति की रचना समुद्रगुप्त के दरबारी कवि और युद्ध-शांति मंत्री (संधिविग्रहिक) हरिषेण ने की थी। चम्पू काव्य (संस्कृत गद्य और पद्य) में लिखित यह शिलालेख समुद्रगुप्त के उत्तर और दक्षिण भारत के सैन्य अभियानों का प्रामाणिक विवरण देता है। [याद करने की ट्रिक: जैसे समुद्र के स्वामी 'हरि' (विष्णु) हैं, वैसे समुद्रगुप्त का कवि 'हरि'-षेण है।]

प्रसिद्ध 'नवरत्न', जिनमें कालिदास, वराहमिहिर और अमरसिंह शामिल थे, किस गुप्त सम्राट के शाही दरबार की शोभा बढाते थे?

व्याख्या

चंद्रगुप्त द्वितीय (जिन्हें विक्रमादित्य भी कहा जाता है) ने उज्जैन के अपने दरबार में प्रसिद्ध 'नवरत्नों' को संरक्षण दिया। इन नौ रत्नों में कालिदास, वराहमिहिर, अमरसिंह, धन्वंतरि, घटकर्पर, शंकु, क्षपणक, वररुचि और वेतालभट्ट शामिल थे। [याद करने की ट्रिक: चंद्रगुप्त 'द्वितीया' के पास डबल माइंड था क्योंकि उनके पास 'नवरत्न' थे।]

निम्नलिखित में से किस चीनी बौद्ध तीर्थयात्री ने 7वीं शताब्दी ईस्वी में राजा हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान भारत का दौरा किया था?

व्याख्या

ह्वेनसांग ने राजा हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान 629 से 645 ईस्वी के बीच भारत की यात्रा की थी। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय में बौद्ध धर्म दर्शन की शिक्षा ग्रहण की और भारत की सामाजिक, धार्मिक व्यवस्था का अत्यंत विस्तृत विवरण अपनी पुस्तक 'सी-यू-की' में किया। [याद करने की ट्रिक: 'ह' से **ह**र्षवर्धन का शासन, और 'ह' से **ह**्वेनसांग की यात्रा।]

एलोरा का आलीशान कैलाश मंदिर, जो एक ही ठोस चट्टान से तराश कर बनाया गया विश्व का सबसे बड़ा एकीकृत अखंड मंदिर है, किस राष्ट्रकूट राजा द्वारा बनवाया गया था?

व्याख्या

महाराष्ट्र के एलोरा में कैलाश मंदिर (गुफा संख्या 16) का निर्माण 8वीं शताब्दी ईस्वी में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम के संरक्षण में किया गया था। यह द्राविड़ शैली की वास्तुकला का बेजोड़ शिखर है, जिसे ऊपर से नीचे की ओर एक ही बेसाल्ट चट्टान काटकर बनाया गया है। [याद करने की ट्रिक: भगवान 'कृष्ण' ने शिव के रहने के लिए 'कैलाश' मंदिर पहाड़ काटकर बनाया।]

प्रसिद्ध उत्तरमेरुर शिलालेख, जो प्राचीन भारत के स्थानीय स्वशासन और ग्राम सभाओं के गठन की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है, किस राजवंश से संबंधित है?

व्याख्या

तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित उत्तरमेरुर शिलालेख चोल राजा परान्तक प्रथम के शासनकाल (919 और 921 ईस्वी) का है। इसमें स्पष्ट बताया गया है कि ग्राम सभा (महासभा) के सदस्यों का चुनाव कैसे होता था, उनकी क्या योग्यताएं थीं, और किन परिस्थितियों में उन्हें अयोग्य घोषित किया जाता था। [याद करने की ट्रिक: स्थानीय 'चोला' (चोल) पंचायत खुद चुनती है कि गाँव की सभा में कौन बैठेगा।]

प्रसिद्ध पशुपति मुहर, जिसमें जानवरों से घिरे तीन चेहरों वाले देवता को दर्शाया गया है, सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल पर खोजी गई थी?

व्याख्या

प्रसिद्ध पशुपति मुहर मोहनजोदड़ो में खोजी गई थी। इसमें एक योग मुद्रा में बैठे देवता को सींगों वाला मुकुट पहने दर्शाया गया है, जो एक हाथी, एक बाघ, एक गेंडा, एक भैंसा और दो हिरणों से घिरा है। [याद करने की ट्रिक: 'मोहनजोदड़ो' का अर्थ है 'मृतकों का टीला', जहाँ सभी पशुओं के स्वामी 'पशुपति' पहरा देते हैं।]

कौन सी वैदिक सभा सबसे प्राचीन थी और मुख्य रूप से एक लोक सभा के रूप में कार्य करती थी जहाँ धार्मिक, सैन्य और बहस की क्रियाएं होती थीं?

व्याख्या

विदथ आर्यों की सबसे प्रारंभिक लोक सभा थी, जिसका ऋग्वेद में 122 बार उल्लेख आया है। सभा (वृद्धों की परिषद) और समिति (सामान्य सभा) के विपरीत, विदथ सैन्य, धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष कार्य करती थी जिसमें महिलाएं भी भाग लेती थीं। [याद करने की ट्रिक: 'विदथ' शब्द 'वेद' से मेल खाता है, जो सबसे पुराना आदिवासी ज्ञान संजोता है।]

उपनिषद, जो वैदिक चिंतन और दर्शन की पराकाष्ठा को दर्शाते हैं, मुख्य रूप से किस विषय पर आधारित पुस्तकें हैं?

व्याख्या

उपनिषद दार्शनिक ग्रंथ हैं जो ब्रह्मांड की परम सत्ता (ब्रह्म) और व्यक्तिगत आत्मा (आत्मन) के बीच संबंधों की खोज करते हैं। इन्हें वेदांत भी कहा जाता है क्योंकि ये वेदों के अंतिम भाग का निर्माण करते हैं। [याद करने की ट्रिक: 'उपनिषद' का अर्थ है गुरु के समीप ('उप') बैठकर जीवन के गहरे रहस्यों और 'दर्शन' पर चर्चा करना।]

हर्यक वंश का शक्तिशाली संस्थापक कौन था, जिसने प्राचीन मगध में राजगृह (गिरिव्रज) को अपनी राजधानी बनाया था?

व्याख्या

बिंबिसार ने हर्यक वंश की स्थापना की और वैवाहिक संबंधों तथा विजयों (अंग साम्राज्य का विलय) के माध्यम से मगध साम्राज्य को उत्कृष्ट मजबूती दी। वह महात्मा बुद्ध के समकालीन थे। [याद करने की ट्रिक: एक विशाल साम्राज्य की नींव रखने के लिए एक मजबूत 'बिम्ब' (फाउंडेशन) की आवश्यकता होती है = 'बिंबिसार'।]

तक्षशिला का प्रसिद्ध प्राचीन विश्वविद्यालय किस प्राचीन भारतीय महाजनपद की राजधानी था?

व्याख्या

तक्षशिला गांधार महाजनपद की राजधानी थी, जो आधुनिक पाकिस्तान के रावलपिंडी के पास स्थित थी। यह एक विश्व प्रसिद्ध शिक्षा का केंद्र था, जहाँ चाणक्य, चरक और पाणिनी जैसे विद्वानों ने अध्ययन/अध्यापन किया था। [याद करने की ट्रिक: खुशबूदार 'गांधार' (चंदन की खुशबू) की तरफ दुनिया भर के छात्र खींचे चले आते थे = 'तक्षशिला'।]

326 ईसा पूर्व का ऐतिहासिक हाइडेस्पीस का युद्ध (सिकंदर और राजा पोरस के बीच) किस आधुनिक नदी के तट पर लड़ा गया था?

व्याख्या

हाइडेस्पीस का युद्ध 326 ईसा पूर्व में झेलम नदी (जिसका प्राचीन नाम वितस्ता था) के तट पर लड़ा गया था। सिकंदर ने राजा पोरस को हराया था, लेकिन उनके शौर्य से प्रभावित होकर उनका राज्य वापस लौटा दिया था। [याद करने की ट्रिक: सिकंदर की भारी सेना के सामने पोरस डरे नहीं, अपितु पूरे बल से युद्ध की विभीषिका को 'झेला' = 'झेलम'।]

प्रथम जैन संगीति, जो वर्धमान महावीर की शिक्षाओं को संकलित करने के लिए आयोजित की गई थी, उसकी अध्यक्षता किसने की थी?

व्याख्या

प्रथम जैन संगीति तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में पाटलिपुत्र में आयोजित की गई थी और इसकी अध्यक्षता स्थूलभद्र ने की थी। इसी सभा में जैन अंगों का संकलन हुआ और श्वेतांबर तथा दिगंबर संप्रदाय में विभाजन की शुरुआत हुई। [याद करने की ट्रिक: जो मातृभूमि में 'स्थूल' (स्थिर/अडिग) रहे उन्होंने ही पहली जैन सभा की अध्यक्षता की = 'स्थूलभद्र'।]

द्वितीय बौद्ध संगीति, जिसने बौद्ध संघ का स्थविरवादी और महासांघिक में पहला विभाजन देखा, किस शासक के संरक्षण में आयोजित की गई थी?

व्याख्या

द्वितीय बौद्ध संगीति 383 ईसा पूर्व में वैशाली में शिशुनाग वंश के राजा कालाशोक के संरक्षण में आयोजित की गई थी ताकि भिक्षु अनुशासन (विनय नियमों) को लेकर उठे विवादों को हल किया जा सके। [याद करने की ट्रिक: काले वर्ण वाले राजा 'कालाशोक' ने 'दूसरी' संगीति बुलाई क्योंकि साया (काला) हमेशा असल का दूसरा रूप होता है।]

चंद्रगुप्त मौर्य चाणक्य की सहायता से मगध के सिंहासन पर कैसे बैठे, इसे दर्शाने वाले ऐतिहासिक संस्कृत नाटक 'मुद्राराक्षस' के लेखक कौन थे?

व्याख्या

मुद्राराक्षस की रचना गुप्त काल में विशाखदत्त ने की थी। यह चाणक्य की उन कूटनीतिक चालों का सजीव वर्णन करता है जिनके द्वारा उन्होंने नंद वंश के वफादार मंत्री अमात्य राक्षस को चंद्रगुप्त के पक्ष में किया था। [याद करने की ट्रिक: एक विषैला 'राक्षस' नदी की गहरी 'शाखा' (विशाखा) में छिपा होता है = 'विशाखदत्त' ने मुद्राराक्षस लिखी।]

निम्नलिखित में से कौन सी पुस्तक प्राचीन आंतरिक प्रशासन, सुरक्षा, कूटनीति और अर्थशास्त्र पर 15 भागों (अधिकरणों) का प्राथमिक स्रोत है?

व्याख्या

अर्थशास्त्र की रचना चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री चाणक्य (कौटिल्य) ने की थी। यह शासन कला, सैन्य रणनीति, कर नीति और राज्य की गृह एवं विदेशी सुरक्षा का एक महान ग्रंथ है। [याद करने की ट्रिक: देश की उन्नति और प्रशासनिक संपत्ति को संभालने के लिए 'अर्थ' (धन) का शास्त्र जरूरी है = 'अर्थशास्त्र'।]

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