किस शासक को अपने शिलालेखों में 'प्रियदर्शी' कहा गया है?
सम्राट अशोक ने अपने शिला और स्तंभ अभिलेखों में स्वयं को 'प्रियदर्शी' (देवताओं का प्रिय) और 'देवानांप्रिय' कहा। कलिंग युद्ध के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और अहिंसा का प्रचार किया।
प्राचीन भारतीय इतिहास के बहुविकल्पीय प्रश्न 5-6 (कुल 6 प्रश्नों में से)। UPSC, SSC, Railway परीक्षा की तैयारी के लिए उत्तर और व्याख्या सहित। UPSC, SSC CGL, रेलवे और राज्य PSC परीक्षाओं के लिए हमारे विस्तृत प्राचीन भारतीय इतिहास जीके क्विज के साथ अपने स्कोर को बढ़ाएं। इस उच्च अनुकूलित अभ्यास परीक्षण में सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, मौर्य साम्राज्य और गुप्त राजवंश को कवर करने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं।
सम्राट अशोक ने अपने शिला और स्तंभ अभिलेखों में स्वयं को 'प्रियदर्शी' (देवताओं का प्रिय) और 'देवानांप्रिय' कहा। कलिंग युद्ध के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और अहिंसा का प्रचार किया।
गुप्त काल (320-550 ई.) को भारत का 'शास्त्रीय युग' या 'स्वर्ण युग' कहा जाता है। इस काल में कला, वास्तुकला, साहित्य, गणित, खगोल विज्ञान और विज्ञान में उल्लेखनीय प्रगति हुई।