Skip to main content
GK प्रश्नोत्तरी

संस्कृत — पृष्ठ 2

संस्कृत के बहुविकल्पीय प्रश्न 26-43 (कुल 43 प्रश्नों में से)। UPSC, SSC, Railway परीक्षा की तैयारी के लिए उत्तर और व्याख्या सहित। हमारे विशेष संस्कृत जीके और व्याकरण क्विज़ के साथ प्राचीन भाषा शब्दार्थ की गहराई में उतरें। शैक्षणिक और विशिष्ट राज्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बिल्कुल सही, यह ... मॉडल आवश्यक संस्कृत शब्दावली, वैदिक पाठ संरचनाओं, शास्त्रीय कविता इतिहास, संधि और जटिल व्याकरण नियमों को कवर करता है।

📄 कुल 43 प्रश्न पृष्ठ 2 / 2 MCQ प्रारूप 🇺🇸 Read in English

छठी शताब्दी ईसा पूर्व में शल्य चिकित्सा (surgery), प्लास्टिक सर्जरी, त्वचा प्रत्यारोपण और चिकित्सा तंत्र की वैज्ञानिक व्याख्या करने वाला 'सुश्रुत संहिता' ग्रंथ किसकी रचना है?

व्याख्या

महर्षि सुश्रुत को विश्व का पहला 'सर्जिकल डॉक्टर' (शल्य चिकित्सक) माना जाता है, जिन्होंने घाव सिलने और नाक जोड़ने की अचूक विधि खोजी थी। [याद करने की ट्रिक: कटे अंगों को टाँका लगाकर सूत (धागे) से 'सु'-व्यवस्थित सिलने वाले = 'सु'-श्रुत!]

निर्धन व्यापारी चारुदत्त और रूपवान वसंतसेना की नागरिक जीवन पर आधारित प्रसिद्ध नाट्य रचना ‘मृच्छकटिकम्’ के रचयिता कौन थे?

व्याख्या

मृच्छकटिकम् का अर्थ है 'मिट्टी की छोटी गाड़ी'। यह नाटक प्राचीन उज्जयिनी के सामाजिक, राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था का यथार्थवादी दर्पण है। [याद करने की ट्रिक: मिट्टी की गाड़ी से खेलने वाले बच्चे की सुंदर शूद्र (सरल) कहानी लिखने वाले = शूद्रक!]

संस्कृत का वह कौन सा प्रसिद्ध महाकाव्य छंद है जिसमें कुल 32 वर्ण होते हैं (8-8 वर्णों के चार चरण) और जिसका उपयोग वेदों व लोक श्लोकों में प्रचुरता से हुआ है?

व्याख्या

अनुष्टुप छंद संस्कृत श्लोकों का मानक पैमाना है, जिसमें 32 अक्षर होते हैं और रामायण-महाभारत पूरे इसी छंद में गाये गए हैं। [याद करने की ट्रिक: हमारे होठों पर 'अनु'-क्षण गुनगुनाने वाला 32 दांतों की तरह 32 वर्णों वाला छंद = अनुष्टुप!]

मध्यकालीन कश्मीर के राजाओं और शासकों का व्यवस्थित ऐतिहासिक विवरण देने वाले संस्कृत ग्रंथ 'राजतरंगिणी' के लेखक कौन हैं?

व्याख्या

कल्हण द्वारा 1148 ईस्वी में रचित राजतरंगिणी (राजाओं की नदी) भारत का पहला पूर्ण वैज्ञानिक ऐतिहासिक दृष्टिकोण वाला ऐतिहासिक ग्रंथ है। [याद करने की ट्रिक: कश्मीर के पुरानी यादों और 'कल' (इतिहास) की कहानी कहने वाले = 'कल्ह-ण'!]

वृहदारण्यक उपनिषद के प्रसिद्ध महावाक्य 'अहं ब्रह्मास्मि' का मुख्य दार्शनिक संदेश क्या है?

व्याख्या

'अहं ब्रह्मास्मि' अद्वैत दर्शन का सर्वोच्च उद्घोष है, जो यह प्रतिपादित करता है कि जीव की आत्मा और ब्रह्मांड का परमात्मा दोनों एक ही हैं। [याद करने की ट्रिक: 'अहं' यानी 'मैं खुद' और 'ब्रह्मास्मी' यानी 'ब्रह्मांड' का स्वरूप!]

संसार की जड़ी-बूटियों, स्वास्थ्य रक्षा, टोटकों, पारिवारिक पूजा विधानों और संकटों से बचाव का विवरण किस वेद में संकलित है?

व्याख्या

अथर्ववेद में सामान्य जनजीवन, आयुर्वेद की औषधियाँ, रोगों का निवारण और तंत्र-मंत्र का प्रारंभिक लेखा-जोखा मिलता है। [याद करने की ट्रिक: अपनी 'अर्थ' (धरती) पर सुरक्षित और 'अ'-मर रहने के नुस्खे बताने वाला वेद = 'अ'-थर्ववेद!]

विशाखदत्त द्वारा रचित वह कौन सा शुद्ध राजनीतिक नाटक है जिसमें कौटिल्य चाणक्य की कूटनीति और चंद्रगुप्त को सम्राट स्थापित करने की व्यूहरचना दर्शाई गई है?

व्याख्या

मुद्राराक्षस एक अनूठा ऐतिहासिक नाटक है जिसमें कोई शृंगार या विदूषक नहीं है; यह केवल चाणक्य की तीक्ष्ण बुद्धि और अमात्य राक्षस के कूटनीतिक संघर्ष की कहानी है। [याद करने की ट्रिक: चाणक्य ने अपनी शाही 'मुद्रा' (अंगूठी) का जाल बिछाकर 'राक्षस' को झुका दिया = मुद्राराक्षस!]

शब्दों और भाषा दर्शन पर आधारित प्रसिद्ध ग्रंथ 'वाक्यपदीयम्' के लेखक कौन हैं, जिन्होंने स्फोट (ध्वनि विस्फोट) का सिद्धांत दिया?

व्याख्या

भर्तृहरि ने बताया कि वाक्य की ध्वनि कानों में पड़ते ही अर्थ का एक 'स्फोट' (तात्कालिक ज्ञान विस्फोट) होता है, जिसके नियम वाक्यपदीयम् में हैं। [याद करने की ट्रिक: 'वाक्य' और 'पद' का दार्शनिक संबंध भर्तृहरि के वाक्यपदीयम् में रचा गया।]

श्रीमद्भागवत पुराण संस्कृत के विशाल पुराणों की श्रेणी में आता है, जिसमें कुल कितने महात्म्य और चरित्रों का वर्णन संकलित है?

व्याख्या

भागवत पुराण में सृष्टि रचना, ग्रहों की स्थिति, और भगवान के 24 अवतारों की व्यापक ब्रह्मांडीय इतिहास और कृष्ण लीला बताई गई है। [याद करने की ट्रिक: 'भागवत' यानी स्वयं 'भगवान' का सुंदर ब्रह्मांडीय महात्म्य!]

संस्कृत व्याख्या और शब्दों के इतिहास को समझने के लिए यास्क मुनि द्वारा रचित वैदिक शब्दों का मूल व्युत्पत्ति कोश क्या कहलाता है?

व्याख्या

निरुक्त (Yaska's Nirukta) शब्दों के मूल रूप, धातु-प्रत्यय और समय के साथ हुए अर्थ परिवर्तन की व्याख्या करने वाला पहला वैज्ञानिक व्युत्पत्ति शास्त्र है। [याद करने की ट्रिक: शब्द की जड़ का अध्ययन करने वाला 'नी'-र और 'रुक्त' (कथ्य) = निरुक्त!]

संस्कृत के प्राचीन ऐतिहासिक ग्रंथों और पौराणिक पुस्तकालयों में कुल कितने मुख्य पुराण संकलित हैं?

व्याख्या

संस्कृत पौराणिक वांग्मय में कुल 18 महापुराणों (जैसे विष्णु पुराण, शिव पुराण, भागवत पुराण) की स्थापना महर्षि वेदव्यास द्वारा की गई थी। [याद करने की ट्रिक: कुरुक्षेत्र युद्ध चला 18 दिन, गीता के अध्याय 18, महाभारत के पर्व 18 और पुराण भी 18!]

किस कवि ने अत्यंत अलंकृत शैली के प्रसिद्ध महाकाव्य 'शिशुपालवधम्' की रचना की, अपनी अद्भुत चित्र-काव्य रचना के लिए?

व्याख्या

शिशुपालवधम् में भगवान कृष्ण द्वारा शिशुपाल के वध की कथा है। माघ की काव्य प्रतिभा में कालिदास की उपमा, भारवि का अर्थगौरव और दण्डी का पदलालित्य तीनों का संगम माना जाता है। [याद करने की ट्रिक: 'माघ' (ठंड के मौसम) में कृष्ण के चक्र से 'शिशुपाल' का वध हुआ!]

व्याकरण (Vyakarana) शब्द का मूल लैटिन या वैदिक संस्कृत अर्थ क्या होता है?

व्याख्या

व्याकरण = वि + आ + कृ। अर्थात पदों के अवयवों को अलग-अलग करके उनके मूल रूप (प्रकृति और प्रत्यय) को स्पष्ट विश्लेषण करना। [याद करने की ट्रिक: शब्दों को स्पष्ट करके 'व्य'क्त (साफ) करने का 'करण' (साधन) = व्याकरण!]

सूर्यवंश के प्रतापी राजाओं और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के संपूर्ण कुल का गान करने वाले कालिदास के किस महाकाव्य को सर्वोच्च गौरव प्राप्त है?

व्याख्या

रघुवंशम् में राजा दिलीप, रघु, दशरथ, राम और उनके वंशजों के आदर्शों का सुंदर काव्यात्मक वर्णन महाकवि कालिदास ने किया है। [याद करने की ट्रिक: सूर्यवंशी राजा 'रघु' के उच्च 'वंश' की गाथा = रघुवंशम्!]

लगभग 400 ईस्वी में अष्टांग योग (आठ अंगों वाले योग का सुव्यवस्थित नियम) का संपादन करने वाले 'योगसूत्र' ग्रंथ के रचयिता महर्षि कौन थे?

व्याख्या

महर्षि पतंजलि ने मन की वृत्तियों को शांत करने के लिए 196 संक्षिप्त सूत्रों के माध्यम से योगसूत्र नामक ग्रंथ प्रस्तुत किया जो योग दर्शन का आधार है। [याद करने की ट्रिक: योग विद्या को 'पतंजलि' योगपीठ की तरह वैज्ञानिक रूप देने वाले मूल ऋषि = पतंजलि!]

पशु-पक्षियों के सुंदर उदाहरणों से युक्त 'हितोपदेश' (Hitopadesha) ग्रंथ के महान रचयिता कौन थे, जिनहोने पंचतंत्र की कहानियों को नया रूप दिया था?

व्याख्या

हितोपदेश के रचयिता नारायण पंडित हैं, जिन्होंने बंगाल के राजा के पुत्रों को राजनीति की अत्यंत सरल व्यावहारिक शिक्षा देने के लिए पंचतंत्र की तर्ज पर कहानियां रची थीं। [याद करने की ट्रिक: सबका 'हित' चाहने वाले और ज्ञान का 'उपदेश' देने वाले 'नारायण' जी!]

महर्षि भास द्वारा रचित 'स्वप्नवासवदत्तम्' (Svapnavasavadattam) संस्कृत साहित्य का पहला कौन सा कालजयी नाटक है?

व्याख्या

स्वप्नवासवदत्तम् राजा उदयन और रानी वासवदत्ता के अटूट प्रेम और उनके मिलन के जादुई स्वप्न दृश्य पर आधारित संस्कृत नाट्य इतिहास का सबसे पहला सिद्ध नाटक है। [याद करने की ट्रिक: नींद के 'स्वप्न' में खोए हुए प्रेमियों का अमर नाटक = 'स्वप्न-वासवदत्तम्'!]

संस्कृत गद्य शैली में लंबे समासों और भव्य वाक्यों का उपयोग करने वाली 'गौड़ी रीति' (Gaudiyapatha) शैली का सर्वोत्तम उदाहरण किस ग्रंथ में मिलता है?

व्याख्या

बाणभट्ट की कादम्बरी गौड़ी रीति का सबसे परिपक्व और जटिल उत्कृष्ट रूप मानी जाती है, जिसमें एक-एक वाक्य पृष्ठों तक फैले विस्तृत समासों से अलंकृत है। [याद करने की ट्रिक: बाणभट्ट द्वारा रची गई 'कादम्बरी' (मुरली या मदिरा जैसी नशीली गद्य रचना) ही गौड़ी रीति की महारानी है!]

EN